
नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। देश भर में डॉक्टरों की हड़ताल को समर्थन मिल रहा है। राजधानी दिल्ली के 18 हॉस्पिटल्स ने भी आज यानी शनिवार को काम बंदकर हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है। इन 18 में दिल्ली के 14 बड़े अस्पताल शामिल हैं।
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डॉक्टर्स ने ठुकराया ममता का प्रस्ताव
इस बीच हड़ताली डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से शुक्रवार रात आए बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। बनर्जी ने डॉक्टरों को नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय में बातचीत के लिए बुलाया था। डॉक्टर अपनी मांग पर अड़े रहे कि उन्हें डॉक्टरों की शिकायतें सुनने के लिए आंदोलन स्थल एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल आना होगा और उन पर झूठे आरोप लगाने के लिए माफी मांगनी होगी।
काम पर वापस लौटे एम्स के डॉक्टर
इस बीच दिल्ली AIIMS और सफदरजंग के रेजिडेंट अपने काम पर वापस लौट आएं हैं। हालांकि वह सांकेतिक विरोध जताते हुए मरीजों को देख रहे हैं। वहीं, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैकफुट पर आती नजर आ रही हैं। इसी का नतीजा है कि वह घायल डॉक्टर से मिलने अस्पताल जाएंगी अस्पताल जाएंगी।
17 जून को देशव्यापी हड़ताल
वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देश के 19 राज्यों में 17 जून को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। एसोसिएशन ने सरकार को पत्र लिख केंद्रीय अस्पताल सुरक्षा कानून बनाकर पूरे देश में लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि अगर मांगे पूरी नहीं की जातीं तो सोमवार को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।
ममता बनर्जी सरकार को अल्टीमेटम
वहीं, डॉक्टरों ने ममता सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। दिल्ली एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सरकार से कहा कि अगर हड़ताली डॉक्टरों की मांगें 48 घंटों की भीतर पूरी नहीं होती हैं तो वो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
10 हजार से अधिक डॉक्टर्स शामिल
इस हड़ताल में लगभग 10 हजार चिकित्सक शामिल हो रहे हैं। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले आए सभी हॉस्पिटल्स के डॉक्टरों ने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को हड़ताल की पूर्व लिखित सूचना दे दी है। वहीं, डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार से मरीजों के सामने इलाज का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हड़ताल की वजह से देश भर में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गईं हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की अपील
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने डॉक्टरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है। हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनके प्रदेश में डॉक्टरों के खिलाफ अल्टीमेटम वापस लेने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा "मुझे काफी दुख है कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर अत्याचार के विरोध में पूरे देश के डॉक्टरों को हड़ताल करनी पड़ी। मैं ममता बनर्जी से कहता हूं कि वह चिकित्सा समुदाय को दिया अपना अल्टीमेटम वापस लें और इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं।"
70 डॉक्टरों ने अपना-अपना इस्तीफा सौंपा
पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों में जारी हड़ताल के बीच चार मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों ने शुक्रवार को सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। चिकित्सा शिक्षा निदेशक और पदेन सचिव को भेजे पत्र के जरिए 70 डॉक्टरों ने अपना-अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों की संख्या में लगातार बढ़ रही है।
हाईकोर्ट का ममता से दो टूक
इस मामले में सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी साफ कह दिया कि ममता बनर्जी सरकार डॉक्टरों से बातचीत करके विवाद को सुलझाए। साथ ही सवाल दागा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं।
इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखकर कहा कि वह डॉक्टरों की हड़ताल के मौजूदा गतिरोध को व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर सुलझाएं।
क्या है पूरा मामला
बीते 10 जून को कोलकाता के नील रत्न सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे एक 75 वर्षीय मरीज की मौत हो गई थी। मरीज के मौत से गुस्साए उसके परिजनों ने हॉस्पिटल में डॉक्टर्स के साथ गाली-गलौज व अभद्रता भी की।
इस पर डॉक्टरों ने उनसे माफी मांगने को कहा। ऐसा न करने पर डॉक्टर्स मांग पर अड़ गए कि जब तक मृतक के परिजन माफी नहीं मांग लेते, तब तक उसका डेथ सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।
इससे गुस्साए मृतक पक्ष के लोगों ने हॉस्पिटल में डॉक्टर्स पर हमला कर दिया, जिसमें कई डॉक्टर्स को गंभीर चोटें आईं।
हड़ताल पर गए डॉक्टर्स
इस घटना के बाद जूनियर डॉक्टर्स ने काम बंद कर दिया और हड़ताल पर चले गए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की निंदा करते हुए डॉक्टरों को हड़ताल खत्म करने को कहा। लेकिन डॉक्टर्स ने ममता की एक न मानी, जिसकी वजह से NRS कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल को अपना इस्तीफा तक देना पड़ा।
Updated on:
15 Jun 2019 07:14 pm
Published on:
15 Jun 2019 09:36 am
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