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पाकिस्तान ने सीपीईसी पर उठाए सवाल, सेना प्रमुख पहुंचे चीन

आर्थिक मामलों के सलाहकार अब्दुल रज्जाक दाउद ने कहा था कि पाकिस्तान सरकार को इस समझौते पर काम को एक साल के लिए रोकना चाहिए।
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नई दिल्ली

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Navyavesh Navrahi

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Updated: 17 Sep 2018, 10:46 PM IST

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पाकिस्तान ने सीपीईसी पर उठाए सवाल, सेना प्रमुख पहुंचे चीन

पाकिस्तान की इमरान सरकार के आर्थिक सलाहकार की ओर से चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक्स कोरिडोर (सीपीईसी) परियोजना पर उठाए गए सवलों के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा चीन पहुंच गए हैं। बता दें, इससे पहले इस्लामाबाद में चीन के राजदूत ने पाकिस्तान के आर्थिक सलाहकार को तलब कर लिया था।

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मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि- सेना प्रमुख की इस यात्रा के दौरान चीनी नेतृत्व का प्रयास पाकिस्तान में 60 बिलियन डॉलर के निवेश वाली आर्थिक कॉरिडोर परियोजना की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाना है। बता दें, कि इमरान खान सरकार के आर्थिक सलाहकार ने अपना मत रखा था कि पाकिस्तानी कंपनियों के हित को देखते हुए इस परियोजना को कुछ दिनों के लिए टाल देना चाहिए।

आर्थिक मामलों के सलाहकार अब्दुल रज्जाक दाउद ने कहा था कि पाकिस्तान सरकार को इस समझौते पर काम को एक साल के लिए रोकना चाहिए। यही नहीं, उन्होंने यह सलाह भी दी थी कि सरकार के लिए संभव हो, तो इस समझौते को कम से कम पांच साल के लिए ठंडे बस्ते में डाल देना चाहिए।

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पाकिस्तानी मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार- इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान दौरे पर पहुंचे चीन के विदेश मंत्री वॉन्ग यी ने भी संकेत दिए थे कि वह पाकिस्तान के साथ 2006 में हुए इस आर्थिक समझौते को नए सिरे से करने के लिए तैयार है।

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मामले से जुड़े लोगों का मानना है कि दोनों देशों के बीच यह विवाद 62 बिलियन डॉलर के इकोनॉमिक कॉरिडोर के उस हिस्से से संबंधित है जो मौजूदा समय में एशिया को यूरोप से जोड़ने के लिए तैयार किया जाएगा। वहीं इस विवाद में ग्वादर पोर्ट के विस्तार और रोड और रेल नेटवर्क समेत पावर प्लांट परियोजना भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अब देखना यह है कि सेना प्रमुख के इस दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान चीन के साथ सीपीईसी पर क्या रुख अपनाते हैं।