
शिवाजी पार्क में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन पर स्थानीय लोगों और संगठन के सदस्यों के बीच हुई बहस। (फोटो सोर्स-IANS)
CJP Protest: 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती पर मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है। एक तरफ संगठन ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है, तो दूसरी तरफ इलाके के लोगों ने इसके लिए शिवाजी पार्क को चुने जाने पर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शन से पहले स्थानीय लोगों और CJP के सदस्यों के बीच बहस का वीडियो भी सामने आया है।
शिवाजी पार्क के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि यह इलाका सिर्फ प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल होने वाली खुली जगह नहीं है। इसके आसपास रिहायशी इलाके, स्कूल और अस्पताल हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने पर ट्रैफिक बढ़ सकता है और आसपास रहने वालों को परेशानी हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने खास तौर पर शोर, वाहनों की भीड़ और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन करना है तो मुंबई में इसके लिए तय जगहों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ लोगों ने आजाद मैदान का विकल्प भी सुझाया है।
प्रदर्शन से पहले CJP के कुछ सदस्य शिवाजी पार्क पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने उनसे प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और स्थानीय लोगों ने संगठन के सदस्यों से वहां से जाने को कहा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया।
यानी अब विवाद सिर्फ इस बात का नहीं है कि प्रदर्शन होगा या नहीं, बल्कि यह भी है कि अगर विरोध दर्ज कराना है तो उसके लिए जगह कौन सी होनी चाहिए।
मुंबई पुलिस पहले ही 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर चुकी है। पुलिस ने अदालत के निर्देशों, शिवाजी पार्क के इस्तेमाल से जुड़े नियमों, जरूरी स्थानीय अनुमति नहीं होने और ट्रैफिक से जुड़ी संभावित दिक्कतों का हवाला दिया है। पुलिस के मुताबिक इलाके में प्रदर्शन से शोर और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है।
पुलिस ने संगठन को दूसरे स्थान पर कार्यक्रम करने का विकल्प तलाशने की सलाह भी दी थी। हालांकि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अनुमति नहीं मिलने के बाद भी आंदोलन जारी रखने की बात कही और 'जेल भरो आंदोलन' का ऐलान किया।
CJP ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन आंदोलन की तारीख तय की है। महात्मा गांधी की जयंती अहिंसक आंदोलन और शांतिपूर्ण विरोध की याद से जुड़ी है। इसी दिन CJP ने शिवाजी पार्क से अपना विरोध दर्ज कराने की योजना बनाई है।
अब एक तरफ पुलिस की अनुमति नहीं है, दूसरी तरफ स्थानीय लोग भी प्रदर्शन के लिए शिवाजी पार्क के इस्तेमाल का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में 2 अक्टूबर को CJP अपने घोषित कार्यक्रम को किस तरह आगे बढ़ाता है और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।
Updated on:
02 Oct 2026 11:24 am
Published on:
02 Oct 2026 11:24 am
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