
Gen Z से संवाद करते हुए मोहन भागवत, बोले- युवाओं की बात सुनना जरूरी है। (फोटो सोर्स- IANS)
Mohan Bhagwat Mumbai Speech: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने युवाओं और छात्र आंदोलनों को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर युवा किसी मुद्दे को लेकर अपनी आवाज उठाते हैं या प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें देशद्रोही कहना सही नहीं है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना और विरोध करना भी बातचीत का एक तरीका है।
मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में आयोजित एक कार्यक्रम में देशभर से आए करीब 2,000 छात्रों से बातचीत करते हुए भागवत ने कहा कि उन्हें आज की Gen Z और Gen Alpha पीढ़ी पर पूरा भरोसा है।
उन्होंने कहा कि अगर युवा किसी समस्या को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो उनकी बात को समझने की जरूरत है। युवाओं की चिंताओं को नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विरोध ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे समाज में दूरी या विवाद बढ़े।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भागवत से शिक्षा, बेरोजगारी, आरक्षण, महिलाओं के अधिकार, LGBTQIA+ समुदाय और भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े कई सवाल पूछे। शिक्षा के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। पढ़ाई को सिर्फ पैसा कमाने का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों की बढ़ती फीस, शिक्षकों की गुणवत्ता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा निवेश होना चाहिए।
आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक समाज में पूरी बराबरी नहीं आ जाती, तब तक इसकी जरूरत बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को आरक्षण का फायदा मिल चुका है, वे जरूरतमंद लोगों के लिए कुछ अवसर छोड़ने पर विचार कर सकते हैं।
LGBTQIA+ समुदाय पर पूछे गए सवाल पर भागवत ने कहा कि इस समुदाय के लोगों को समाज का हिस्सा मानकर स्वीकार करना चाहिए। हालांकि, समान लिंग विवाह जैसे मुद्दों पर उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समाज में सहमति और चर्चा के बाद ही आगे बढ़ना बेहतर होगा।
दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल पूछे जाने पर भागवत ने कहा कि उनके पास पूरी जानकारी नहीं है। बिना पूरे तथ्यों को जाने किसी घटना पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा।
बेरोजगारी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल सरकार नहीं कर सकती। इसके लिए समाज, उद्योग और युवाओं को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कौशल विकास, स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत बताई।
महिलाओं की भागीदारी पर भागवत ने कहा कि देश की प्रगति के लिए महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबर अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सच्चा नेता वही होता है, जो सिर्फ भाषण नहीं देता, बल्कि अपने काम से उदाहरण पेश करता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करता है।
Updated on:
07 Aug 2026 09:47 am
Published on:
07 Aug 2026 09:46 am
