जब मैं बस से मुज़फ्फरनगर बस स्टैंड पर आई तो उसने बस वाले को पैसे दे दिए और मुझे अपने साथ ले गया। उसके कुछ दोस्त भी उसके थे। वह मुझे एक होटल में ले गए। जहां हमने चाय पी। उसके दोस्त उसे समझा रहे थे। उसने मुझे कहा कि वापस चली जा मैं तुझे पांच दस दिन के बाद ले आऊंगा। मैंने कहा कि आधी रात हो गर्इ। अब में कहां जाउूंगी। वह मुझे ट्रेन से सहारनपुर ले आया और होटल में कमरा बुक कराया। उसने कमरे में मेरे साथ जबरदस्ती की। मैंने बहुत विरोध किया, लेकिन वह नहीं माना। सुबह होने पर पहले उसने मुझे नास्ता कराया। फिर कहने लगा की तुझे गुर्दे में दर्द हो रहा है। मैं तेरे लिए दवा लेकर आता हूं, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं आया। वह मेरा मोबाइल भी साथ ले गया है। मैंने उसका होटल में काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन वह नहीं आया। फिर मैंने किसी से सो रुपये लिए और मुज़फ्फरनगर आ गर्इ। यहां आकर मैंने लोगों से उसके बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी को उसके बारे में नहीं पता है। वाजिद ने अपना और मेरा मोबाइल भी स्विच ऑफ किया हुआ है। मैं उसको सुबह से ढूढ़ रही हूं। अगर वह मिल गया तो मैं उससे कोर्ट मैरिज करुंगी। मेरे घर वाले मुझे जान से मारने की धमकी देते हैं।