
Captain Smit Machchhar (Photo-IANS)
मुंबई। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को उनकी सूझबूझ और साहस के लिए दुनियाभर में 'हीरो' के तौर पर सराहा जा रहा है। घटना के बाद उनकी सहकर्मी पायलट टीना गोस्वामी ने आईएएनएस से बातचीत में उस मुश्किल परिस्थिति और कैप्टन मच्छार के फैसले को लेकर कई अहम बातें साझा कीं।
टीना ने बताया कि जब पहली बार घटना की जानकारी मिली तो सबसे पहले यही चिंता हुई कि आखिर सब ठीक है या नहीं। उन्होंने कहा कि यह सामान्य आपात स्थिति नहीं थी। आमतौर पर पायलटों को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए टीमवर्क और चालक दल के बीच बेहतर समन्वय की ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन इस घटना में खतरा विमान के बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से पैदा हुआ था। यह बात बेहद चौंकाने वाली थी। बाद में जब पता चला कि कैप्टन मच्छार ने स्थिति को संभाल लिया और बड़ी संख्या में लोगों की जान बच गई, तो सभी को राहत मिली।
टीना ने कहा कि घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात कैप्टन मच्छार की विपरीत परिस्थितियों में तुरंत निर्णय लेने की क्षमता थी। वह घायल थे और विमान भी अनियंत्रित स्थिति में था। ऐसे में उन्हें समझ आ गया था कि कॉकपिट के भीतर रहकर वह ज्यादा कुछ नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने अपनी आखिरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, ताकि किसी तरह यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के बचने की संभावना बन सके। टीना के मुताबिक, यही उनकी सबसे बड़ी सूझबूझ थी।
टीना ने कहा कि इस प्रयास को केवल विमान में सवार यात्रियों की जान बचने तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, विमान में करीब 175 से 180 यात्रियों की जान बचने के साथ एक संभावित बड़ी त्रासदी भी टल गई।
उन्होंने कहा कि यदि परिस्थितियां और बिगड़तीं तो इसका असर कहीं अधिक गंभीर हो सकता था। कैप्टन मच्छार के प्रयास ने देश के साथ-साथ पायलट और विमानन समुदाय को भी गर्व महसूस कराया है।
टीना ने कैप्टन मच्छार के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि दोनों की मुलाकात वर्ष 2022 के अंत में हुई थी। दोनों सहकर्मी हैं और उड़ान से पहले जरूरी कागजी प्रक्रिया के लिए प्रेषण कार्यालय में अक्सर मुलाकात होती थी।
उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छार का व्यवहार हमेशा सम्मानजनक रहा। वह उनकी तारीफ केवल इसलिए नहीं कर रही हैं कि उन्होंने इस बड़ी घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी उन्हें एक अच्छा इंसान मानती हैं।
टीना ने कहा कि किसी पायलट की पहचान केवल उसकी उड़ान क्षमता से नहीं होती। उसका स्वभाव, रवैया और सहकर्मियों के साथ व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस लिहाज से कैप्टन मच्छार का व्यक्तित्व बेहद अच्छा है।
उन्होंने बताया कि लंबे अनुभव के बाद पायलट विमान के व्यवहार को केवल उपकरणों के जरिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनुभूति से भी समझने लगता है। विमानन क्षेत्र में इसे 'फीलिंग ऑफ फ्लाइट' कहा जाता है। अनुभवी पायलट आंखें बंद होने की स्थिति में भी विमान के उड़ने के तरीके और उसके व्यवहार में आए असामान्य बदलाव को महसूस कर सकता है।
Updated on:
05 Oct 2026 02:04 pm
Published on:
05 Oct 2026 02:02 pm
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