
अल फलाह यूनिवर्सिटी के 48 कर्मचारियों से पूछताछ (IANS)
रेड फोर्ट (Red Fort Blast) के बाहर हुए आतंकी विस्फोट को काफी टाइम हो चूका है। अब इस मामले की जांच में सबसे बड़ा फोकस फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर है। गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मॉड्यूल के तीन सदस्य इसी यूनिवर्सिटी में काम करते थे। मुख्य आरोपी उमर नबी के अलावा इस मॉड्यूल के दो अन्य सदस्य-
कुछ समय पहले एनआईए ने यूनिवर्सिटी के वार्ड बॉय सोयब को गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने हमले से पहले उमर नबी को लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया था।
जांच एजेंसियां अब अल फलाह यूनिवर्सिटी से उमर खालिद के संभावित नेटवर्क की तलाश कर रही हैं। इसके तहत दिल्ली के सभी निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बांग्लादेश, पाकिस्तान, यूएई और चीन से एमबीबीएस की डिग्री लेकर दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों की पूरी लिस्ट और उनका पूरा रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध कराएं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें आशंका है कि उमर का नेटवर्क यूनिवर्सिटी से कहीं अधिक विस्तृत है और अभी जांच के शुरुआती चरण में ही प्रोफेशनल नेटवर्क को पूरी तरह मैप करने की कोशिश की जा रही है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी ने पहले बयान जारी कर कहा था कि गिरफ्तार लोगों का संस्थान से कोई संबंध नहीं है, सिवाय इसके कि वे यहां नौकरी करते थे। यूनिवर्सिटी ने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को निराधार और मानहानिकारक बताया था। जांच अभी जारी है। आने वाले हफ्तों में और स्टाफ सदस्यों से पूछताछ होगी। कैंपस की सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से देखा जा रहा है।
Updated on:
29 Nov 2025 01:37 pm
Published on:
29 Nov 2025 01:37 pm
