
Pahalgam Terror Attack: दक्षिण कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के एक सप्ताह बाद भी सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिल रहे हैं कि हमले में शामिल आतंकवादी अब भी दक्षिण कश्मीर के घने जंगलों में छिपे हुए हैं और पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं। इस हमले में कुल 26 लोगों की जान गई थी। हमले की भयावहता और आतंकियों की आधुनिक रणनीति ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हमला चार आतंकियों ने अंजाम दिया था। दो हमलावर मुख्य द्वार से भीतर घुसे, एक निकास द्वार पर तैनात था, जबकि चौथे की मौजूदगी पास के जंगल में मानी जा रही है। आतंकियों ने हमले से ठीक एक सप्ताह पहले 15 अप्रैल को इलाके में तीन स्थानों की टोह ली थी। संदिग्धों में से एक ने स्थानीय मनोरंजन पार्क की भी रेकी की थी लेकिन, कड़ी सुरक्षा के कारण उसे निशाना बनाने की योजना छोड़ दी।
1- हमलावरों में से दो ने सेना की वर्दी पहन रखी थी, जबकि तीसरे ने पारंपरिक कश्मीरी फेरन पहना हुआ था। पहली गोली निकास द्वार के पास चली, जिससे दहशत फैल गई। जैसे ही पर्यटक प्रवेश द्वार की ओर भागे, वहां पहले से ही खड़े दो लोगों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया।
2- आतंकियों ने कथित तौर पर महिलाओं को पुरुषों से और हिंदुओं को मुसलमानों से अलग करने का प्रयास किया। जब भीड़ ने मना कर दिया तो लोगों से कलमा पढ़ने के लिए कहा। कुछ ही क्षणों बाद उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। पहले शिकार बने लोगों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे।
3- तीन आतंकवादियों ने अनजान भीड़ पर गोलियां चलाईं जो पिकनिक मना रहे थे, टट्टू की सवारी कर रहे थे या खाने के स्टॉल पर स्नैक्स का आनंद ले रहे थे। सबसे ज्यादा मौतें चाय और भेलपुरी की दुकानों के पास हुईं, जहां बहुत से पर्यटक जमा थे। इसके बाद आतंकवादी पार्क के बाईं ओर की दीवार फांदकर भाग गए।
4- हमलावरों की तैयारी अत्यधिक सुनियोजित थी। वे अपने साथ भोजन और अन्य सामान लाए थे, जिससे उन्हें लंबे समय तक जंगलों में छिपने में मदद मिली। उन्होंने सिम-कार्ड रहित एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली का इस्तेमाल किया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो गया।
इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कहा कि कोई यह ना समझ ले कि हमारे 26 लोगों को मारकर वो ये लड़ाई जीत गए हैं। इस हमले में शामिल हर व्यक्ति को जवाब भी मिलेगा और जवाब लिया भी जाएगा। कोई कायराना हमला करके सोचता है कि ये हमारी जीत है तो ये समझ ले कि चुन-चुन कर बदला होगा। हम इंच-इंच भूमि से आतंकवाद को मिटा देंगे। यह नरेंद्र मोदी का भारत है। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
Published on:
02 May 2025 07:09 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
