कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए डरते थे, लेकिन ममता बनर्जी ने अपनी राजनीतिक कौशल के जरिए सोमनाथ चटर्जी को हरा दिया। साल 1984 के चुनाव में ममता बनर्जी ने 3,31,618 वोट (50.87%) प्राप्त किए, जबकि सोमनाथ चटर्जी को 3,11,958 वोट (47.85%) मिले। ममता की जीत का अंतर लगभग 19,660 वोट रहा। इस जीत से ममता भारत की सबसे युवा सांसदों में शामिल हो गईं और भारतीय राजनीति में उनकी मजबूत पहचान बनी।