
'कितनों को रोकोगे?' CJP ने पुलिस से पूछा सवाल। (फोटो सोर्स-@CJP_for_India)
CJP Protest:दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले अब मामला सिर्फ राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली आने की तैयारी कर रहे प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोके जाने और ट्रेनों से उतारकर हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। मध्यप्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जा रहे CJP के 15 कार्यकर्ताओं को ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिए जाने की खबर है।
इसी बीच सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कितनों को रोकोगे, देश में 140 करोड़ लोग हैं।' संगठन की इस पोस्ट को प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को रोके जाने के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। CJP का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, CJP के कार्यकर्ता गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। इटारसी स्टेशन पर पुलिस ने उन्हें ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया। इनमें युवक और युवतियां शामिल थे। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर जबरन हिरासत में लेने और बदसलूकी करने के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना जरूरी है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश में भोपाल, इटारसी और ग्वालियर में भी दिल्ली जा रहे प्रदर्शनकारियों को रोके जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ लोग गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र से आ रहे थे।
दिल्ली जाने वाले प्रदर्शनकारियों को रोके जाने से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं। इन वीडियो को लेकर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को ट्रेनों से उतारा जा रहा है। हालांकि, हर वीडियो की जगह, समय और उसमें दिख रही कार्रवाई की अलग-अलग पुष्टि जरूरी है।
CJP की पोस्ट में किसी एक घटना का नाम नहीं लिया गया, लेकिन 'कितनों को रोकोगे' लिखकर संगठन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उसका संदेश है कि लोगों को रोकने से उनकी आवाज खत्म नहीं होगी।
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में राजधानी पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोके जाने की खबरों ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।
अब सवाल यह है कि अलग-अलग राज्यों से दिल्ली आ रहे लोगों को रोकने के पीछे पुलिस की क्या वजह है और हिरासत में लिए गए लोगों को कब छोड़ा जाएगा। इस पूरे मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अलग-अलग घटनाओं की पुष्टि अहम होगी।
Updated on:
09 Oct 2026 04:00 pm
Published on:
09 Oct 2026 04:00 pm
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