
मदुरै. कहा जाता है कि भगवान जब किसी की सांसें छीनता है, तभी इंसान इस दुनिया से जाता है। लेकिन मदुरै में सरकारी बाबुओं और शातिर बहू की मिलीभगत से लगता है कि अब भगवान से पहले 'राजस्व विभाग' और 'ग्राम प्रशासनिक अधिकारी' (वीएओ) ही तय करने लगे हैं कि किसे जिंदा रहना है और किसे ऊपर जाना है! यहां एक जिंदा-जागती सास को कागजों में मरा हुआ घोषित कर दिया गया, ताकि बहू अपने स्वर्गीय पति की संपत्ति और गहनों पर हाथ साफ कर सके।
यह मामला जिला कलक्टर की सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सामने आया। कोविल पापंकुड़ी गांव की रहने वाली 62 वर्षीय मुत्तुपिल्लै जो अभी जिंदा हैं, को सरकारी फाइलों में उन्हें 'भगवान को प्यारा' बता दिया गया है। बिना किसी जमीनी जांच के ऐसा जादूई 'डेथ सर्टिफिकेट' जारी करने वाले बाबुओं को अब क्या उपमा दी जाए?
बहू का 'स्मार्ट' मास्टरस्ट्रोक
मामले के अनुसार मुत्तुपिल्लै के छोटे बेटे पेरुमाल का निधन मार्च महीने में रहस्यमय तरीके से हो गया था। इसके बाद उनकी पत्नी सुंदरी ने सोचा कि संपत्ति और बैंक में गिरवी रखे 7 तोला सोने के गहनों को हथियाने का इससे बेहतरीन मौका नहीं मिलेगा। उसने आनन-फानन में जिंदा सास को ही कागजों में 'निपटा' दिया और बैंक में प्रमाण पत्र भी जमा करा दिया।
मुत्तुपिल्लै का 'जिंदा' होने का ऐलान
अब बेचारी बुजुर्ग महिला ने कलक्टर साहब के दरबार में न्याय की गुहार लगाई है कि साहब, मैं जिंदा हूं! साथ ही, उन्होंने वीएओ और राजस्व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिन्होंने बिना यह देखे कि महिला जीवित है, धड़ाधड़ मृत्यु प्रमाण पत्र पर मुहर लगा दी। यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
Updated on:
18 Aug 2026 06:44 pm
Published on:
18 Aug 2026 06:44 pm
