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सितंबर-अक्टूबर में बदलेंगे कई ग्रह, जानें व्यापार से कृषि तक क्या होगा असर

Grah Gochar 2026: सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्टूबर तक कई बड़े ग्रह परिवर्तन होने जा रहे हैं। बुध, शुक्र, सूर्य और बृहस्पति की चाल का व्यापार, कृषि और निवेश पर असर माना जा रहा है।
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भारत

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Akash Dewani

•

Sep 25, 2026

grah gochar effects planetary transit budh shukra surya guru

Grah Gochar Effects: बुध, शुक्र, सूर्य और बृहस्पति की चाल से व्यापार सहित कृषि और निवेश पर पड़ेगा असर (फोटो सोर्स- ChatGPT)

Grah Gochar Asar: सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर में ग्रहों की स्थिति में कई बदलाव होने जा रहे है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन ग्रह गोचरों का असर व्यापार, कृषि और जनसामान्य के दैनिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। 26 सितंबर को बुध तुला राशि में प्रवेश करेंगे और शुक्र के साथ उनकी युति से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। इसे व्यावसायिक गतिविधियों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। वहीं 23 सितंबर को शुक्र अस्त होंगे और 30 अक्टूबर तक इसी अवस्था में रहेंगे। इसके बाद 3 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में वक्री यानी उल्टी चाल चलेंगे। ज्योतिष में शुक्र की वक्री गति को कृषि के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।

कृषि और निवेश में सावधानी की सलाह

ज्योतिषाचार्य का कहना है कि शुक्र की वक्री चाल और अस्त अवस्था कृषि क्षेत्र के लिए बहुत अनुकूल नहीं मानी जाती। इसका असर फसलों की उपज पर पड़ सकता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। तुला राशि में सूर्य को नीच का माना जाता है, जिससे उनकी ऊर्जा और प्रभाव में कमी आती है। सूर्य की स्थिति के साथ शुक्र के अस्त और वक्री होने के कारण भौतिक सुख सुविधाओं, नए रिश्तों और वित्तीय निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ज्योतिषाचार्य ने इस अवधि में जल्दबाजी में आर्थिक फैसले न लेने और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर बजट बनाने की सलाह दी है।

14 नवंबर तक वक्री रहेंगे शुक्र

ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला के अनुसार शुक्र 14 नवंबर तक वक्री रहेंगे। 30 अक्टूबर को शुक्र पूर्व दिशा में फिर उदित होंगे। वहीं 27 सितंबर को सूर्य देव हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और करीब 14 दिन तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद 10 अक्टूबर को वे चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। 17 अक्टूबर को सूर्य देव कन्या राशि की यात्रा पूरी कर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही 31 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

26 से शुरू होगा पितृपक्ष

पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। पितृ पक्ष में पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजन किया जाता है। पितृ पक्ष में पितरों के प्रति आदर-भाव प्रकट किा जाता है। पितृ पक्ष या श्राद्ध करीब 16 दिनों के होते हैं। इस बार पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर से हो रहा है और 10 अक्तूबर तक चलेगा। देवी-देवताओं के अलावा पितर भी हमारे जीवन के लिए, मंगलकार्यों के लिए बहुत जरूरी हैं।