
The Union Minister of Chemicals and Fertilizers, Shri M.K. Alagiri briefing the media on 100 days agenda of the Ministry, in New Delhi on June 26, 2009.
मंदिर जमीन मामले में अझगिरी को मुकदमे का सामना करने के आदेश
पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.के. अझगिरी को झटका देते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मदुरै की एक अदालत के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें मंदिर की जमीन हड़पने के लिए जाली दस्तावेज बनाने के आरोपों से मुक्त कर दिया गया था।जस्टिस पी. वेलमुरुगन ने 2021 में दायर याचिकाओं पर आदेश सुनाते हुए अझगिरी को 2014 के जमीन हड़पने के मामले में मुकदमे का सामना करने का निर्देश दिया। यह मामला मदुरै पुलिस की एंटी-लैंड ग्रैब सेल द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर अपने दया इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए मदुरै के शिवराकोट्टई में विनायकर मंदिर की 44 सेंट जमीन अवैध रूप से हासिल करने का आरोप लगाया गया था।पुलिस ने उन पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए थे, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
ट्रायल कोर्ट ने पूर्व मंत्री को किया था बरी
ट्रायल कोर्ट ने 2021 में उन्हें जमीन हड़पने के लिए जाली दस्तावेज बनाने के विशेष आरोपों से बरी कर दिया था। हालांकि, एंटी-लैंड ग्रैब सेल ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक समीक्षा याचिका दायर की, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलटने की मांग की गई, जबकि अझगिरी ने सभी आरोपों से बरी होने की याचिका दायर की।
प्रथम दृष्टया मामला
जस्टिस वेलमुरुगन ने पुलिस की दलीलों में प्रथम दृष्टया मामला पाया और जालसाजी से संबंधित आरोपों को बहाल करते हुए उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, उन्होंने मामले से पूरी तरह बरी करने की अझगिरी की याचिका को खारिज कर दिया।
Updated on:
05 Mar 2025 12:28 pm
Published on:
04 Mar 2025 03:42 pm
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