
सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी (Photo Patrika Create)
Vegetable prices: राजधानी के फुटकर बाजारों में इन दिनों सब्जियों के दाम लोगों का बजट बिगाड़ रहे हैं। सब्जियों के बढ़े हुए भाव सुनकर ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं। पिछले दिनों राजधानी समेत छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आई बाढ़ का असर अब सब्जियों की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में पानी भरने और बाड़ियों को नुकसान पहुंचने से आवक प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर फुटकर बाजार में दिखाई दे रहा है।
शनिवार को राजधानी के अलग-अलग स्थानीय बाजारों से लेकर डुमरतराई थोक बाजार के आसपास सब्जी बेचने वाले फुटकर विक्रेताओं तक महंगे दाम पर सब्जियां बिकती नजर आईं। बाजार में सबसे ज्यादा कीमत भिंडी की रही, जो 160 रुपए किलो तक बिकी। इसके अलावा मटर भी 160 रुपए किलो और धनिया 150 रुपए किलो तक पहुंच गया। बढ़े हुए भाव के कारण रोजमर्रा की सब्जियों की खरीदारी भी लोगों के लिए महंगी पड़ रही है।
शनिवार के बाजार में भिंडी 160 रुपए किलो बिकी। वहीं मटर भी 160 रुपए किलो रहा। धनिया 150 रुपए किलो तक पहुंच गया। मिर्ची और बरबट्टी के दाम भी काफी अधिक रहे। मिर्ची 110 रुपए और बरबट्टी 110 रुपए किलो बिकी। प्याज भाजी 120 रुपए किलो रही। इसके अलावा फुलगोभी 80 रुपए, शिमला मिर्च 80 रुपए, गाजर 60 रुपए, बैंगन 50 से 60 रुपए, कुंदरू 60 रुपए, लौकी 40 रुपए, कोचई 80 रुपए और परवल 80 रुपए किलो के भाव में बिके।
सब्जियों के साथ कुछ दूसरी रसोई की जरूरी चीजों के दाम भी लोगों की जेब पर असर डाल रहे हैं। अदरक 240 रुपए किलो तक बिका। वहीं आलू 20 रुपए किलो के भाव में उपलब्ध रहा। प्याज 60 रुपए किलो और टमाटर 50 रुपए किलो रहा। मशरूम 80 रुपए पैकेट के हिसाब से बिक रहा है। बाजार में सबसे सस्ती सब्जियों में कद्दू रहा, जिसकी कीमत करीब 30 रुपए किलो रही। हालांकि महंगी सब्जियों के मुकाबले कद्दू और लौकी जैसी सब्जियां ग्राहकों को कुछ राहत दे रही हैं।
राजधानी और प्रदेश के कई इलाकों में पिछले दिनों हुई बारिश और बाढ़ के कारण सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों और सब्जी की बाड़ियों में पानी भरने से कई जगह तैयार फसल प्रभावित हुई। वहीं लगातार बारिश के कारण नई फसल की आवक भी प्रभावित हुई है। इसका असर मंडियों में आने वाली सब्जियों की मात्रा पर पड़ा है। आवक कम होने पर बाजार में मांग के मुकाबले उपलब्धता घट जाती है, जिससे फुटकर कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। यही वजह है कि कुछ सब्जियों के भाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा नजर आ रहे हैं।
सब्जियों के लगातार बढ़े हुए दाम का असर सीधे लोगों की रसोई पर पड़ रहा है। जिन सब्जियों की कीमत ज्यादा है, उनकी खरीदारी लोग कम मात्रा में कर रहे हैं। कई परिवार महंगी सब्जियों की जगह कम कीमत वाली सब्जियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे रोज की थाली में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। फिलहाल बाजार में सब्जियों की आवक सामान्य होने और प्रभावित इलाकों से नई फसल आने के बाद ही कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है। तब तक महंगी सब्जियों ने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा दिया है।
| सब्जी | कीमत (रुपए प्रति किलो) |
|---|---|
| भिंडी | 160 |
| मटर | 160 |
| धनिया | 150 |
| मिर्ची | 110 |
| बरबट्टी | 110 |
| फुलगोभी | 80 |
| शिमला मिर्च | 80 |
| कोचई | 80 |
| परवल | 80 |
| टमाटर | 50 |
| गाजर | 60 |
| बैंगन | 50-60 |
| कुंदरू | 60 |
| लौकी | 40 |
| कद्दू | 30 |
| आलू | 20 |
| प्याज | 60 |
| अदरक | 240 |
Updated on:
04 Oct 2026 11:58 am
Published on:
04 Oct 2026 11:58 am
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