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बाघिन के शिकारियों को डॉग स्क्वॉड ने पकड़वाया

- पांच जनवरी को करंट लगाकर किया था बाघिन का शिकार

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गिरफ्तार हुए बाघिन के शिकार के आरोपी।

गिरफ्तार हुए बाघिन के शिकार के आरोपी।

सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के अंतर्गत परिक्षेत्र पेंच मोगली अभ्यारण्य कुरई अंतर्गत ग्राम जीरेवाड़ा की सीमा पर पांच जनवरी को करंट बिछाकर बाघिन का शिकार करने वाले पांच शिकारियों को वारदात के चौथे दिन गिरफ्तार कर लिया गया है। अहम बात है कि ये आरोपी डॉग स्क्वॉड की मदद से पकड़े गए हैं। अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर किए गए अपराध की पूरी जांच की जा रही है, जिसमें कुछ और खुलासे होने की संभावना है।
इन आरोपियों ने पांच साल की एक बाघिन का करंट लगाकर शिकार कर शव झाडिय़ों में फेंककर फरार हो गए थे। बाघिन की मौत के एक दिन बाद गश्ती के दौरान शव दिखाई दिया था। तब इस घटना की सूचना से पूरे पेंच प्रबंधन में हडक़म्प मच गया था। पेंच के संचालक, सहायक संचालक, एसडीओ, वन्यप्राणी चिकित्सक और डॉग स्क्वॉड टीम मौके पर जांच करने पहुंची थी। घटना स्थल का मौका मुआयना करने और मृत बाघिन का शव परीक्षण करने पर बाघिन की मौत विद्युत करंट लगाकर शिकार किया जाना पाया गया था। जिसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी। डॉग स्क्वॉड एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से बुधवार को आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने जीरेवाड़ा गांव के पास जंगल में 11 केवी विद्युत लाइन से तार लगाकर सूकर का शिकार करना चाहते थे। लेकिन विद्युत तार की चपेट में बाघिन के आने से उसकी विद्युत करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। बाघिन की मौत हो जाने से सभी आरोपी घबरा गए थे, तब उन्होंने बाघिन के शव को छुपाने के लिए झाडिय़ों के बीच गड्ढे में भरे पानी में फेंक दिया था। आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया।


इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
इस घटना में सुनील पिता भीकनलाल पन्द्रे (38), राजेश पिता हंसलाल ककोड़े (32), बकाराम पिता सुदिया कवरे (57), गंगाप्रसाद पिता इतिया कारसर्पे (42), तुलसीराम पिता सूरज ककोड़े (46) सभी आरोपी कुरई थाना क्षेत्र के जीरेवाड़ा गांव के निवासी हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने आरोपियों को 11 जनवरी तक रिमांड पर वन विभाग को सौंपा है। जिसमें घटना से संबंधित और भी खुलासा होने की संभावना है।


डॉग पहुंचा मुख्य आरोपी के घर
वारदात की बारीकी से जांच के लिए डॉग स्क्वॉड घटनास्थल पर बुलाया गया। तब डॉग घटनास्थल से सूंघते-सूंघते सीधे मुख्य आरोपी सुनील पन्द्रे के घर जा पहुंचा था। तब जांच दल ने उसके परिवार के लोगों से पूछताछ की, तो बताया कि वह घर पर नहीं है। उससे मोबाइल पर संपर्क किया पता चला कि वे महाराष्ट्र की ओर भाग गए हैं। तब उसे साधारण पूछताछ के बहाने से बुलवाया गया। इसी तरह उसके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई और एक-एक कर सभी को गांव बुलवाया गया। अलग-अलग बिठाकर पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार लिया। बाघिन के शिकारियों तक पहुंचाने में डॉग स्क्वॉड की अहम भूमिका रही। इसके अलावा गिरफ्तारी में कुरई परिक्षेत्र अधिकारी विलास डोंगरे, सतीराम उइके वनपाल, शारिक खान वनपाल, शत्रुघन मरकाम वनपाल, अशोक धुर्वे वनपाल, निमेश उके वनरक्षक, कपिल पटेल वनरक्षक, कमलेश कालोकार वनरक्षक, शंकर भारती वनरक्षक की अहम भूमिका रही।

इनका कहना है -
घटनास्थल पर पहुंचे डॉग स्क्वॉड ने पहले दिन ही हमें मुख्य आरोपी के घर तक पहुंचा दिया था। जिससे आरोपियों के बारे में पता चल गया था, लेकिन वे सब महाराष्ट्र या अन्य जगह थे, तब उनको फोन कर बुलवाया गया। आरोपियों से रिमांड में पूछताछ कर रहे हैं, कुछ और खुलासे हो सकते हैं।
रजनीश सिंह, डिप्टी डायरेक्टर पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी

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