
रिसोर्ट के सीमांकन के लिए पहुंचा राजस्व दल।
सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के वन और वन्यजीवों का दीदार करने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक यहां के रिसोर्ट में कई-कई ठहरते भी हैं। जिससे रिसोर्ट संचालकों को खासी कमाई होती है। देखने में आ रहा है, कि कहीं-कहीं रिसोर्ट संचालक निजी जमीन के आसपास की सरकारी जमीन को भी अपने कब्जे में लेकर उसका व्यवसायिक उपयोग कर रहे हैं। ऐसे रिसोर्ट संचालकों से सरकारी जमीन को मुक्त कराने के लिए कुरई विकासखंड के ग्राम टुरिया, कोहका, सतोष के ग्रामीणों ने कलेक्टर संस्कृति जैन को लिखित शिकायत की थी।
ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने कुरई तहसीलदार को जांच कराने निर्देशित किया। जिसके बाद उन्होंने कुरई राजस्व निगम मंडल के पांच रिसोर्ट की जांच के निर्देश दिए हैं। जिसमें कहा कि ग्रामीणों की शिकायत है कि अधिकांश रिसोर्ट संचालकों ने स्वयं की भूमि के अतिरिक्त राजस्व मद की शासकीय भूमि में अतिक्रमण कर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर के जारी पत्र के अनुसार मुख्य रुप से पेच रिसोर्ट, रजन्टा रिसोर्ट, स्टलिग रिसोर्ट, ततास्तु रिसोर्ट, वेनराज रिसोर्ट के अतिक्रमण के सीमांकन की शुरुआत गुरुवार को की गई है। सीमांकन के दौरान जिला पंचायत सदस्य राकेश सनोडिया क्षेत्रीय ग्रामीण और रिसोर्ट के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जांच दल में ये हैं शामिल
तहसीलदार ने कलेक्टर के निर्देशन में गठित जांच दल का प्रभारी राजस्व निरीक्षक राकेश दीक्षित को बनाया है। जिनके निर्देशन में सुखदेव कुमरे प्रभारी राजस्व निरीक्षक, लोकेश शिववेदी पटवारी, कौशल किशोर राजपूत पटवारी, राजकिशोर बरकड़े पटवारी, ज्योत्सना उइके पटवारी एवं विजयसिंह कुशराम पटवारी को शामिल किया गया है। दल को सात दिन में जांच प्रतिवेदन, पंचनामा तहसील कार्यालय में हल्का पटवारी रिकार्ड सहित प्रस्तुत करने को कहा है।
Published on:
21 Feb 2025 06:10 pm
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