
Surajpur Crime News, जयनगर थाना (Photo- Patrika)
विश्रामपुर। मोबाइल चोरी होने के बाद उसके जरिए बैंक खाते और यूपीआई की जानकारी हासिल कर 3 दिनों के भीतर खाते से 3 लाख रुपए निकाल लेने का मामला (Fraud to mobile stolen) सामने आया है। पीडि़त ग्राम पंचायत मदनपुर निवासी दुकान संचालक राम औतार कुशवाहा की रिपोर्ट पर जयनगर पुलिस ने अपराध दर्ज (Cyber fraud News) किया है। खास बात यह है कि रकम एक-दो बार में नहीं, बल्कि छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से निकाली गई। जब पीडि़त को खाते से लगातार रकम निकाले जाने की बात पता चला तो उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मदनपुर निवासी पीडि़त राम औतार कुशवाहा ने बताया कि वह 24 सितंबर को वह सिलफिली बाजार सब्जी खरीदने गया था। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे उसका मोबाइल किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिया। चोरी हुए मोबाइल में जियो का नंबर उसके इंडसइंड बैंक (Bank account) के खाते से लिंक था और इसी नंबर के जरिए वह फोन-पे यूपीआई का उपयोग करता था।
मोबाइल चोरी होने के बाद पीडि़त के साले सोनू ने सिम दोबारा चालू कराने के लिए अपने परिचित राजू तिर्की से संपर्क किया। शिकायत के मुताबिक राजू तिर्की ने सिम बंद कराने और नया सिम जारी कराने की प्रक्रिया के लिए पीडि़त के आधार कार्ड की फोटो, पता और मोबाइल का आईएमईआई नंबर मांगा।
यह जानकारी उसके साले द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर पर भेजी गई। इसके बाद पीडि़त और उसका साला अम्बिकापुर स्थित जिओ कार्यालय भी पहुंचे, जहां प्रक्रिया पूरी करने के बाद नया सिम जारी कराया। शिकायत में पीडि़त के अनुसार दुकान में लगा फोन-पे स्पीकर खराब होने पर उसे ठीक कराने के लिए संबंधित लोगों से संपर्क किया गया था।
25 सितंबर को प्रतीक केरकेट्टा और सूरज नाम के व्यक्ति दुकान पर पहुंचे और मोबाइल मांगकर उसे अनलॉक करवाया। उन्होंने फोन-पे स्पीकर की मरम्मत की और चले गए। इसके अगले दिन 26 सितंबर को दोनों ने दोबारा फोन कर मोबाइल पर पेमेंट का मैसेज आने की जानकारी ली। मैसेज नहीं आने की बात बताने पर वे फिर दुकान पहुंचे और मोबाइल व फोन-पे स्पीकर लेकर काफी देर तक कुछ काम करने के बाद वापस चले गए। शिकायत के अनुसार मोबाइल चोरी के अगले ही दिन से बैंक खाते से रकम निकलना शुरू हो गया।
पीडि़त के इंडसइंड बैंक खाते से अलग-अलग दिनों में 3 लाख रुपए खाते से निकाल लिए गए हैं। पीडि़त का कहना है कि राजू तिर्की ने फोन-पे अधिकारी का नंबर बताकर एक अन्य मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया।
बातचीत के दौरान संबंधित व्यक्ति और राजू तिर्की द्वारा रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन शिकायत दर्ज कराने तक पैसा वापस नहीं आया। इसके बाद पीडि़त ने 2 अक्टूबर को जयनगर थाना (Jaynagar police station) पहुंचकर लिखित शिकायत दी है। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
Updated on:
07 Oct 2026 08:36 pm
Published on:
07 Oct 2026 08:36 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
