
Surguja News: मेहमान आए तो सरपंच ने छोड़ दिया अपना बिस्तर!(photo-patrika)
Surguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत बतौली की महिला सरपंच जगरमती पैकरा की सर्पदंश से मौत हो गई। घर में मेहमान आने के कारण उन्होंने अपना पलंग मेहमानों को सोने के लिए दे दिया था। इसके बाद वह अपने पति विशुन पैकरा के साथ जमीन पर बिस्तर लगाकर सो गईं। देर रात करैत सांप ने उन्हें डस लिया। करीब ढाई बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। परिजन उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली और फिर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जानकारी के मुताबिक, बतौली पंचायत की सरपंच जगरमती पैकरा (48) गुरुवार रात परिवार और घर आए मेहमानों के साथ खाना खाने के बाद सोने चली गई थीं। घर में मेहमान होने के कारण जगरमती ने अपना पलंग उन्हें सोने के लिए दे दिया। इसके बाद वह पति विशुन पैकरा के साथ कमरे में जमीन पर बिस्तर लगाकर सो गईं।
रात करीब ढाई बजे जगरमती अचानक बेचैन होकर उठीं। कुछ देर बाद उन्हें उल्टी होने लगी और पेट में मरोड़ की शिकायत हुई। शुरुआत में परिजनों को यह पता नहीं था कि उन्हें सांप ने डसा है। पेट में तकलीफ समझकर परिजन उनकी मालिश करने लगे। इसी दौरान पेट पर सांप के काटने जैसे निशान दिखाई दिए। इसके बाद परिजनों को सर्पदंश की आशंका हुई।
निशान दिखाई देने के बाद परिजनों ने कमरे की तलाशी ली। इस दौरान वहां करैत सांप दिखाई दिया। परिजनों ने सांप को एक टब से ढंक दिया और जगरमती को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली लेकर पहुंचे।
बतौली अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला सरपंच को एंटी स्नेक वेनम दिया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण बेहतर उपचार के लिए उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। परिजन उन्हें तत्काल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, लेकिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि परिजनों को जब तक जगरमती के सर्पदंश की जानकारी हुई, तब तक काफी समय बीत चुका था। इस दौरान सांप का जहर शरीर में फैल गया और उनकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। अस्पताल पहुंचाने और उपचार की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
जगरमती पैकरा की मौत की खबर के बाद ग्राम पंचायत बतौली में शोक का माहौल है। अंबिकापुर में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जगरमती के तीन बच्चे हैं। उनके दो बेटों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। अचानक हुई इस घटना से परिवार सदमे में है।
बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर करैत के काटने पर स्थिति तेजी से गंभीर हो सकती है। कई बार सोते समय सांप के काटने का तुरंत पता नहीं चल पाता, जिससे इलाज में देरी हो जाती है।
सरगुजा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस मार्को ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की अपील की है।
Updated on:
11 Sept 2026 01:54 pm
Published on:
11 Sept 2026 01:53 pm
