
महात्मा गांधी। PHOTO-ANI
Mahatma gandhi Kashi vidyapeeth University: देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले महात्मा गांधी की शुक्रवार को 157वीं जयंती मनाई जा रही है। हालांकि, उनके जीवन से कुछ जुड़े हम किस्से भी हैं जो आज तक लोग याद करते हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पहुंचे थे और यहां करीब एक सप्ताह तक वह ठहरे हुए थे। उनके नाम पर एक कमरा भी बनाया गया है, जिसमें दुर्लभ तस्वीरें रखी गई हैं। हालांकि, दुर्भाग्य से आज तक यहां कोई म्यूजियम नहीं बन पाया है। छात्र-छात्राओं के लिए इस कमरे को म्यूजियम के रूप में देखना का सपना अधूरा ही है। यह स्थिति तब है, जब विश्वविद्यालय को खुद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल म्यूजियम बनाने के लिए निर्देशित कर चुकी हैं।
छात्र-छात्राओं का आरोप है कि महात्मा गांधी की स्मृतियों से जुड़ा यह कमरा नियमित रूप से खुलता भी नहीं है। छात्र-छात्राओं में इस कमरे में जाकर उनकी तस्वीरों को देखने के लिए कौतूहल बना रहता है, लेकिन कमरा नहीं खुल पाने से उन्हें निराशा हाथ लगती है। महाविद्यालय में मानवीकी संकाय में प्रथम तल पर वह कमरा स्थित है, जो बापू को समर्पित है। इतिहासकार बताते हैं कि 1934 में 26 जुलाई से 2 अगस्त तक बापू काशी में आयोजित अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यकारिणी समिति और केंद्रीय हरिजन सेवक संघ के अधिवेशन के दौरान ठहरे हुए थे और उस कमरे का नाम भी बापू कक्ष रखा गया है।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के पास बने इस कमरे में बापू की कई पुरानी तस्वीरें हैं और काशी विद्यापीठ की स्थापना के लिए किए गए प्रयासों के साथ ही अन्य अवसरों पर लिखे गए पत्र भी इस कमरे में स्थापित किए गए हैं। बापू की 2 अक्टूबर को जयंती होती है, इस वजह से 1 अक्टूबर को कमरा खोला जाता है और इसकी साफ सफाई की जाती है, लेकिन फिर वापस इसे बंद कर दिया जाता है। वहीं, शहर के अलग-अलग इलाकों में बापू और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसकी सफाई की जाती है और उन पर नगर निगम की तरफ से माल्यार्पण भी कराया जाता है।
काशी विद्यापीठ में बने कमरे में बापू की दुर्लभ तस्वीरें हैं। इसमें काशी विद्यापीठ परिसर में बने भारत माता मंदिर को बनाने वाले कारीगरों के साथ बापू की बातचीत के दौरान की तस्वीर भी है। इसके साथ ही डॉक्टर संपूर्णानंद द्वारा महात्मा गांधी को लिखा गया पत्र भी इस कमरे में रखा गया है। आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास के उद्घाटन पर डॉक्टर संपूर्णानंद और देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद, आचार्य बीरबल सिंह की तस्वीर भी बापू कक्षा में रखी है। वहीं, भारत माता मंदिर के उद्घाटन की तस्वीर भी हैं, जो 25 अक्टूबर 1936 की है। विश्वविद्यालय के कुलपति एके त्यागी ने बताया कि बापू कक्षा को म्यूजियम बनाने के लिए पहल की जा रही है। इसके लिए संस्कृति मंत्रालय सहित अन्य जगहों को पत्र भी लिखा गया है। जब तक म्यूजियम नहीं बन पा रहा तब तक यहां राम भजन बजाया जाता है। उन्होंने बताया कि एक बार फिर से नए सिरे से इसकी पहल की जाएगी।
Updated on:
02 Oct 2026 08:31 am
Published on:
02 Oct 2026 08:31 am
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