
स्कूलों में नाममात्र का खर्च
पढ़ाई बहुत महंगी होती जा रही है। प्राइवेट स्कूलों में तो फीस ही इतनी ज्यादा होती है कि कई लोग इसका खर्च वहन नहीं कर सकते। इसके अलावा स्कूल यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी, बस आदि के किराए का खर्च भी उठाना पड़ता है। यही कारण है कि कई अभिभावक प्राइवेट स्कूलों के नाम से ही घबराते हैं। ऐसे लोगों के सरकार ने स्कूल शुरु किए हैं। इन स्कूलों में नाममात्र का खर्च होता है। कई बच्चों को तो इन बड़े स्कूलों में पढ़ाई से लेकर खाना, रहना, यूनिफार्म सब मुफ्त रहता है।
ये स्कूल भारत सरकार द्वारा संचालित किए जाते हैं जिन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय कहा जाता है। ये सहशिक्षा वाले आवासीय स्कूल हैं, जिन्हें स्वायत्त संगठन 'नवोदय विद्यालय समिति' के माध्यम से केंद्र सरकार वित्तीय सहायता देती है। जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (JNVST) के माध्यम से कक्षा 6 में की जाती हैं। भोपाल में भी नवोदय स्कूल में 6वीं में प्रवेश के लिए 20 जनवरी को परीक्षा रखी गई है।
इन स्कूलों में 8 वीं तक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा है। गणित और विज्ञान के लिए अंग्रेज़ी माध्यम है। जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा में सम्मिलित होते हैं।
नवोदय विद्यालय में छात्र—छात्राओं को मुफ्त बोर्डिंग और लॉजिंग सुविधा मिलती है। यहां मुफ्त स्कूल यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी और रेल या बस किराया भी दिया जाता है। छूट प्राप्त वर्ग के छात्रों और समस्त छात्राओं को छोड़कर विद्यालय विकास निधि के रूप में मामूली शुल्क लिया जाता है। कक्षा 9 से 12 के छात्रों से यह शुल्क लिया जाता है। जिन बच्चों के माता-पिता सरकारी नौकरी में हैं उनसे प्रतिमाह शुल्क लिया जाता है।
इस बार भोपाल के जवाहर नवोदय विद्यालय, रातीबड़ में कक्षा 6वीं में प्रवेश मिल सकता है। प्रवेश के लिए चयन परीक्षा 20 जनवरी को भोपाल जिले के 10 केन्द्रों पर होगी। अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश-पत्र नवोदय की वेबसाइट से ऑनलाइन प्राप्त कर सकतें हैं। इस संबंध में कोई जानकारी प्राप्त करना हो या प्रवेश-पत्र प्राप्त करने में कोई समस्या हो तो दूरभाष 0755-2896325 और मोबाइल नंबर 95843-59571 पर सपंर्क किया जा सकता है।
Published on:
27 Dec 2023, 9:18 AM IST
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