
बीमारियों से मुक्त जीवन जीना है तो करें योग, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग
छतरपुर. रविवार की सुबह निरोगी जीवन का संदेश लेकर आई। मन प्रसन्न कर देने वाला सुबह का खुशनुमा वातावरण, गुलाबी सर्दी के बीच पत्रिका हमराह का आयोजन मध्य प्रदेश के अलग अलग शहरों की तरह छतरपुर शहर के पीतांबरा मंदिर परिसर में भी हुआ। यहां शहरवासी प्राकृतिक हरियाली के साथ हमराही बनकर फिटनेस और अवेयरनेस का पाठ पढ़ते नजर आए। योग साधकों ने योग के जरिए शरीर व मन को स्वस्थ रखने के गुर सिखाए और हंसी के ठहाके लगाकर खुश व स्वस्थ रहने का संदेश मिला। योग ट्रेनर ने विभिन्न योगाभ्यास के जरिए लोगों को जीवन की नई राह दिखाई।
तन-मन को सेहतमंद बनाना सीखा
हमराह कार्यक्रम में लोगों ने जाना कि शरीर और मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। योगासन, शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा देने के साथ मन को शांत करते हैं। योग का अभ्यास शरीर, श्वास और मन को जोड़ता है। समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए योगासनों में शारीरिक मुद्राओं, सांस लेने के व्यायाम और ध्यान का संयोजन किया जाता है। कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने से लेकर सेहत को बूस्ट देने तक के लिए योगासनों का अभ्यास करना सहायक होता है।
77 साल के बुजुर्ग रहे आर्कषण
पत्रिका द्वारा आयोजित हमराह कार्यक्रम में 75 से 77 साल उम्र के बुजुर्ग साधकों ने योगाभ्यास किया। बुजुर्गों ने बताया कि पत्रिका का हमराह कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम हमेशा होना चाहिए। ताकि लोगों में अच्छा संदेश जा सके। इस दौरान बुडुर्गो ने योग व्यायाम का खूब आनंद उठाया। बुजुर्गो के साथ ही बच्चों ने भी हमराह कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और योग के गुर सीखे।
रजनी साहू ने किया अचंभित
योग की राज्यस्तरीय प्रतियोगी रजनी साहू ने पत्रिका हमराह कार्यक्रम में योग के उन आसनों को जींवत किया जो कठिन योग माने जाते हैं। ऐसे योग जो लगातार अभ्यास व कठिन परिश्रम के बाद करना संभव है, ऐसे योग अभ्यास का प्रदर्शन कर रजनी ने अचंभित कर दिया। इसके साथ ही सभी को योग के लिए प्रेरित भी किया ताकि सभी स्वस्थ जीवन की राह पकड सकें।
इनका कहना है
योग साधक हीरालाल कुशवाहा का कहना है कि, सेहत को लेकर लोगों को जागरुक करने के लिए पत्रिका हमराह निश्चित रुप से सराहनीय पहल है। कोरोना काल में हमने सीखा कि स्वस्थ शरीर ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। शरीर स्वस्थ नहीं तो धन-दौलत भी धरी रह जाती है। आपने देखा कि स्वास्थ लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पत्रिका के कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
'योग से हमें निरोगी रहने का संदेश मिला'
वहीं, मेडिकल कारोबारी कमलेश रुसिया ने बताया कि, योग से हमें निरोगी रहने का संदेश मिला है। हर व्यक्ति को योग के लिए समय निकालना चाहिए। योग से जीवन में अनुशासन, नियमितता आती है। घुटने के दर्द में दवा से लाभ नहीं मिला, लेकिन योग ने निरोगी रहने की राह दिखाई है।
योग से होता है स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन
वरिष्ठ नागरिक रमन प्रताप सिंह के अनुसार, पत्रिका हमराह कार्यक्रम ने लोगों को स्वस्थ रहने के लिए योग के महत्व से रूबरु करवाया है। योग ऐसा माध्यम है, जो न केवल हमें स्वस्थ शरीर बल्कि स्वस्थ मन भी प्रदान करता है। मुझे रीढ़ में परेशानी की वजह से डेढ साल तक बेड रेस्ट पर रहा, लेकिन योग ने सारे कष्ट दूर कर दिए।
योग के जरिए मेरे जीवन में बड़ा बदलाव
शहर के वरिष्ठ नागरिक गणेश प्रसाद पटेल ने बताया कि, मेरी उम्र 77 से ऊपर हो गई है। लेकिन योग के जरिए मेरे जीवन में बड़ा बदलाव आया है। आप देखिए मेरे सफेल बाल तक काले होने लगे हैं। योग से निरोगी रहने की राह मिली है। योग करने पर अपने आप में नई ऊर्जा, उत्साह महसूस हुआ है।
आनंद की अनूभूति
एसडीओ, पीडब्ल्यूडी अरुण कुमार मिश्रा के अनुसार, पत्रिका हमराह कार्यक्रम में शामिल होकर बहुत ही आनंद की अनूभूति हुई। योग के जरिए शरीर में प्राणवायु का प्रवाह बढ़ाकर नई ऊर्जा मिली है। योग से में 2009 से जुड़ा हुआ हूं। कोरोना काल में योग साधक बीमारी के दुष्प्रभाव से बचे रहे। स्वस्थ जीवन का संदेश देने के लिए पत्रिका को साधूवाद। निश्चित ही कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों को स्वस्थ जीवन की राह मिली है।
हार्ट अटैक का इलाज योग से
शहरवासी रामाश्रय पटेल के अनुसार, 10 साल पहले मुझे हार्ट अटैक आया था, लेकिन जब से योग से जुड़ा हूं। मेरी बीमारी व शारीरिक कष्ट दूर हो गए हैं। अब तो डॉक्टरों ने भी दवा की आवश्यकता न होने की बात कह दी है। पत्रिका हमराह कार्यक्रम निश्चित रूप से लोगों को स्वस्थ जीवन का सार्थक संदेश दे रहा है।
योग से जुड़़कर रहें निरोग- अपील
शहर की छात्रा अंजली सिंह ने बताया कि, योग ने स्वस्थ रहने का अनूठा अनुभव दिया है। कोरोना काल में ऑनलाइन योग क्लास से जुड़ गई थी। तभी से योग ने शरीर में नई स्फूर्ती व उत्साह जगाया है। पत्रिका हमराह के माध्यम से मैं सभी को योग से जुड़़कर निरोग रहने का गुरु सीखने की अपील करती हूं।
योग से मानसिक व शारीरिक लाभ
शिक्षक रामप्रसाद पटेल के अनुसार, योग से मानसिक व शारीरिक लाभ मिलता है। योग का मतलब है जोडऩा। सभी तरह के आयामों को जोडऩे से हमे स्वस्थ जीवन मिलता और मन प्रसन्न रहता है। पत्रिका हमराह कार्यक्रम के माध्यम से अन्य लोगों को भी योग के जरिए निरोग रहने का संदेश मिला है।
योग के कारण कभी दवा खाने की नोबत नहीं आई
जिला कोषालय के कर्मचारी रामकृपाल पटेल का कहना है कि, 13 साल से हम योग क्लास का हिस्सा रहे हैं। ये समझ लीजिए कि योग से जु़ड़ने के बाद से कभी मुझे किसी दर्द की दवा नहीं खानी पड़ी। बच्चों की तरह ही स्फूर्ति महसूस होती है। आज के जमाने में निरोगी रहना सबसे बड़ी संपत्ति है, जिसका संदेश आज पत्रिका हमराह के माध्यम से दिया जा रहा है।
पत्रिका हमराह ने दिया निरोगी रहने का संदेश
क्षेत्रीय प्रबंधक, टैगोर विवि आरके भारद्वाज के अनुसार, नियमित योग से लाभ मिला है। कंप्यूटर की तरह हमारे शरीर में हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर होते हैं, जो योग के जरिए मैनटेंन रहते हैं। योग से निरोग रहने का जो संदेश पत्रिका हमराह के माध्यम से शहरवासियों को मिला, उसके लिए पत्रिका का साधुवाद। योग अपनाए और स्वस्थ जीवन पाएं।
Updated on:
6 Nov 2022, 12:59 PM IST
Published on:
6 Nov 2022, 12:59 PM IST
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