
पेट में अचानक तेज दर्द किस कारण से हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Acute Pancreatitis Symptoms: क्या आपके पेट के ऊपरी हिस्से में कभी अचानक इतना तेज दर्द उठा है कि पीठ तक महसूस होने लगे? अक्सर लोग पेट दर्द को गैस, एसिडिटी या अपच मानकर टाल देते हैं, लेकिन यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक और तेज दर्द होना एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस (Acute Pancreatitis) का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि अक्यूयट पैंक्रियाटाइटिस क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और यह क्यों होता है।
यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, पैंक्रियाज (Pancreas) यानी अग्न्याशय हमारे पेट के ऊपरी हिस्से में, ठीक पेट (Stomach) के पीछे स्थित एक छोटी सी ग्रंथि होती है। इसका मुख्य काम भोजन को पचाने वाले पाचक एंजाइम (Digestive Enzymes) बनाना और इंसुलिन जैसे हार्मोन तैयार करना है जो शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित रखते हैं। जब किसी कारण से पैंक्रियाज में अचानक सूजन आ जाती है, तो उस स्थिति को अक्यूयट पैंक्रियाटाइटिस कहा जाता है। इसमें बनने वाले पाचक एंजाइम समय से पहले ही ग्रंथि के अंदर सक्रिय (Active) हो जाते हैं और खुद पैंक्रियाज को ही नुकसान पहुंचाने लगते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का सबसे बड़ा और पहला लक्षण पेट में दर्द ही होता है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
NHS और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इस बीमारी के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन दो कारण सबसे आम हैं;
एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का इलाज घर पर संभव नहीं है। यदि किसी को इसके लक्षण दिखते हैं, तो उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। मरीज को तरल पदार्थ (Fluids) ड्रिप के जरिए दिए जाते हैं ताकि डिहाइड्रेशन न हो। तेज दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर खास दर्द निवारक दवाएं देते हैं। शुरुआत में कुछ समय के लिए मरीज को ठोस खाना खाने से मना किया जाता है ताकि पैंक्रियाज को आराम मिल सके। अगर कारण पित्त की पथरी है, तो सर्जरी करके उसे निकाला जाता है। यदि शराब कारण है, तो उसे पूरी तरह छोड़ने की सलाह दी जाती है।
पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक होने वाले तेज दर्द को कभी भी सामान्य मानकर अनदेखा न करें। अगर दर्द के साथ उल्टी, बुखार या चक्कर आ रहे हों, तो बिना देर किए तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर के पास जाएं। समय पर इलाज मिलने से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है और किसी गंभीर जटिलता (Complication) से बचा जा सकता है।
Published on:
24 Sept 2026 07:00 am
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