
लैबायरिनथाइटिस बीमारी क्या होती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Labyrinthitis Symptoms: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि बैठे-बैठे या चलते-चलते अचानक सिर घूमने लगे और लगे कि पूरा कमरा गोल-गोल घूम रहा है? कई बार चक्कर इतने तेज़ आते हैं कि इंसान का संतुलन बिगड़ जाता है, सीधे कदम रखना मुश्किल हो जाता है और उल्टी आने जैसा महसूस होता है। अक्सर लोग इसे केवल कमज़ोरी, खून की कमी या गैस मानकर टाल देते हैं। लेकिन अगर आपको बार-बार चक्कर आ रहे हैं, चलने में बैलेंस नहीं बन पा रहा और कानों में भारीपन लग रहा है, तो इसे बिल्कुल नज़रअंदाज़ न करें। यह समस्या Labyrinthitis (लैबायरिनथाइटिस) हो सकती है। यह हमारे कान के अंदरूनी हिस्से में होने वाली एक ऐसी सूजन या इंफेक्शन है, जो सीधा शरीर के बैलेंस पर असर डालती है।
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के मुताबिक, हमारे कान के अंदर एक बहुत ही छोटा और बारीक हिस्सा होता है, जिसे लैबायरिंथ (Labyrinth) कहते हैं। इसका काम दो सबसे ज़रूरी चीजें संभालना है - पहला, हमें सही से सुनाना और दूसरा, खड़े रहते या चलते समय हमारे शरीर का संतुलन बनाए रखना। जब किसी वजह से कान के इस अंदरूनी हिस्से में सूजन या इंफेक्शन हो जाता है, तो इसी स्थिति को Labyrinthitis कहते हैं। इंफेक्शन की वजह से यह हिस्सा दिमाग तक सही मैसेज नहीं भेज पाता। इंसान भले ही चुपचाप खड़ा हो, लेकिन दिमाग को लगता है कि शरीर घूम रहा है। इसी गड़बड़ी की वजह से तेज चक्कर आने लगते हैं और चलना मुश्किल हो जाता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, हमारा दिमाग शरीर को संभालकर रखने के लिए आंखों, पैरों के जोड़ों और कानों के अंदरूनी हिस्से की मदद लेता है। जब इंफेक्शन के कारण कान के एक तरफ का अंदरूनी हिस्सा सूज जाता है, तो वह दिमाग को उल्टे-सीधे मैसेज भेजने लगता है। ऐसे में एक कान से तो सही मैसेज जाता है, लेकिन इंफेक्शन वाले कान से गलत। दिमाग इन दोनों मैसेजेस के बीच उलझ जाता है और समझ नहीं पाता कि आप सीधे खड़े हैं या हिल रहे हैं। नतीजा यह होता है कि आपको लगता है सब कुछ घूम रहा है और आपके कदम लड़खड़ाने लगते हैं।
Labyrinthitis के लक्षण अचानक शुरू हो सकते हैं और ये काफी परेशान करने वाले होते हैं;
NHS की रिपोर्ट के अनुसार, Labyrinthitis का सबसे बड़ा कारण वायरल इंफेक्शन होता है।
अगर अचानक बहुत तेज़ चक्कर आ रहे हों और चलने में दिक्कत हो, तो तुरंत किसी कान के डॉक्टर (ENT Specialist) को दिखाएं। डॉक्टर आपकी आंखों की हलचल, कानों की स्थिति और चलने के बैलेंस को चेक करते हैं ताकि यह साफ हो सके कि समस्या कान की ही है। शुरुआत के दिनों में मरीज को शांत और अंधेरे कमरे में आराम करने की सलाह दी जाती है। एकदम से सिर घुमाने या स्क्रीन/तेज रोशनी देखने से बचना चाहिए। डॉक्टर चक्कर रोकने, उल्टी बंद करने और कान की सूजन कम करने की दवाएं देते हैं। अगर इंफेक्शन बैक्टीरिया से हुआ है, तो एंटीबायोटिक दी जाती है। अगर बीमारी ठीक होने के बाद भी हल्का चक्कर या बैलेंस बिगड़ने की शिकायत रहे, तो डॉक्टर गर्दन और आंखों की हल्की कसरत (Exercise) करवाते हैं, जिससे दिमाग दोबारा बैलेंस बनाना सीख जाता है।
Updated on:
24 Sept 2026 02:52 pm
Published on:
24 Sept 2026 02:52 pm
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