
एंटी माफिया अभियान : लेडी डॉन के घर पर चला बुलडोजर, चिल्लाते हुए बोली- इसे गिराया तो...
इंदौर/ मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा चलाया जा रहा एंटी माफिया अभियान जोरो शोर के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में बुधवार काे भूमाफिया बब्बू और छब्बू के अवैध साम्राज्य काे ध्वस्त करने के बाद गुरुवार की सुबह से ही प्रशासन के बुलडोजर के निशाने पर लेडी डाॅन अलका और 302 के आरोपी शुभम रहा। अधिकारी सुबह से अपने दल के साथ द्वारिकापुरी के रामनगर और श्रद्धा सबुरी काॅलाेनी में पहुंच गए।
दोनो अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी
प्रशासन की पहली कार्रवाई लेडी डॉन अलका के तीन मंजिला मकान पर करते हुए उसे जमींदाेज कर दिया। इमारत पर बुलडोजर चलते ही एक महिला मकान के कमरे में जाकर बंद हो गई। पुलिस द्वारा जब उसे बाहर निकाला गया, तो वो मकान न तोड़ने की गुहार लगाती रही। वो कहती रही कि, ये मकान उसने खरीदा है, इसे गिराया तो मैं मर जाऊंगी। इसके बाद शुभम नेपाली के मकान काे भी ताेड़ा गया है। शुभम और उसका भाई 302 केस में आरोपी भी है। इसके अलावा दोनो भाइयों पर अन्य कई अपराधिक मामले दर्ज हैं।
निगम ने जमींदोज की तीन मंजिला इमारत
थाना प्रभारी डी.बी.एस नागर के मुताबिक, शहर के श्रीराम नगर इलाके में रहने वाली अलका और उसका पति अशोक दीक्षित लिस्टेड बदमाश हैं। अलका पर एक दर्जन से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, पति पर करीब 18 मामले दर्ज है। अलका के खिलाफ आबकारी एक्ट के मामले अधिकतर पंजीबद्ध हैं। वो चोरी के मामले में जेल भी जा चुकी है, जिसकी जमानत पिछले महीने ही हुई है। इसके बेटे जयदीप पर भी छेड़छाड़ और मारपीट के दो मामले दर्ज हैं। यानी कुल मिलाकर देखें, तो पूरा परिवार ही आपराधिक प्रवृत्ति का है, जो इसी मकान में रहता है। मकान पर कार्रवाई न हो, इसके लिए उन्होंने अपने रिश्तेदार के नाम पर भी एक नोटरी करवा रखी थी। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच करने के बाद अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया।
पहले भी यहां हो चुकी है एक बदमाश के खिलाफ एंटी माफिया कार्रवाई
नागर के अनुसार, द्वारिकापुरी में ही पिछले दिनों बबलू पंक्चर नाम के बदमाश का मकान ढहाया जा चुका है। उसके बारे में ये जानकारी लगी थी कि, उसकी वहां ऐसी गुंडागर्दी थी कि, उसने मोहल्ले वालो को दिवाली जैसा त्योहार तक नहीं मनाने दिया था। इन बदमाशों के मकान टूटने से लोग राहत की सांस ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये कार्रवाई अच्छी है और इससे गुंडों का आतंक कम होगा।
महिला ने किया अलका का मकान खरीदने का दावा
गुरुवार की सुबह जब निगम टीम अलका का मकान तोड़ने पहुंची, तो वहां रह रही महिला ने मकान उसका होने का दावा किया। उनका दावा था कि, उन्होंने अलका से वो मकान खरीद लिया है। इसे लेकर उन्होंने एक अनुबंध लेख भी टीम को दिखाया। इस पर टीम ने सवाल किया कि, अगर आपके नाम रजिस्ट्री हो तो दिखाइए, हम उसे मान लेंगे। लेकिन, महिला के पास रजिस्ट्री न होने के चलते निगम की टीम उनने घर से सामान निकालना शुरू कर दिया। बच्चे, बुजुर्ग और कुत्ते को भी बाहर कर दिया। निगम की कार्रवाई को रोकने के लिए परिवार की महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा खोलकर महिला को जबरन कमरे से बाहर निकाला और नीचे लेकर आए। मकान को टूटता देख परिवार के सभी लोग बिलख बिलख कर रो रहे थे।
अब तक इन गुंडों के खिलाफ की गई एंटी माफिया कार्रवाई
आपको बता दें कि, पुलिस द्वारा शहर के करीब 15 बड़े गुंडे और माफियाओं की लिस्ट बना रखी है। निगम के साथ मिलकर इनपर कार्रवाई की जा रही है। इसके पहले साजिद चंदनवाला, जीतेंद्र उर्फ नानू तायड़े, मनोहर वर्मा, अश्विन सिरोलिया, अरुण वर्मा, लकी वर्मा, गुंडे रवि काला, हिस्ट्रीशीटर असलम उर्फ मोटा, संजू राठौर, राजकुमार खटीक, बदमाश रिंकू उर्फ रूपेश चौधरी, गुंडे सत्यनारायण, कालू, धरम ठाकुर, सिकलीगर रघुवीर उर्फ मोंटी, राकेश उर्फ बबलू उर्फ पंक्चर, भू-माफिया बब्बू और छब्बू और नाबालिगों के शोषण के आरोपी प्यारे मियां के अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा चुकी है। इतना ही नहीं प्रशासन ने कम्प्यूटर बाबा और उनके करीबी रमेश तोमर के अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है।
Updated on:
03 Dec 2020 03:08 pm
Published on:
03 Dec 2020 03:08 pm
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