
जयपुर/कोटपूतली-बहरोड़. जिले में आज केन्द्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक विभागों, सिविल डिफेंस और आम जनता की तैयारियों, प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी समन्वय का परीक्षण करना है। जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल की अगुवाई में जिला प्रशासन, सिविल डिफेंस, पुलिस, चिकित्सा विभाग, नगर परिषद, एनसीसी, स्काउट-गाइड और दर्जनों अन्य विभाग मिलकर एक समन्वित मॉक ड्रिल का आयोजन कर रहे हैं। इस ड्रिल का उद्देश्य किसी डर का माहौल बनाना नहीं बल्कि संभावित आपातकालीन परिस्थितियों हवाई हमले, प्राकृतिक आपदाएं या सामूहिक संकट से निपटने की प्रैक्टिकल रणनीति को परखना है।
कलक्टर ने निर्देश दिए हैं कि यह मॉक ड्रिल सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर गांवों तक विस्तारित हो , जिससे आपदा प्रबंधन की समझ जन-जन तक पहुंच सके। खासतौर से युवाओं और विद्यार्थियों को इस अभ्यास के माध्यम से आपात स्थिति में कार्य करने का प्रशिक्षण मिलेगा।
ड्रिल के तहत ब्लैकआउट की स्थिति का भी अभ्यास होगा। हवाई हमले की चेतावनी पर कंट्रोल रूम से हूटर बजाया जाएगा, जिसके बाद सभी प्रकार की लाइटें, घरों की, सडक़ों की, वाहनों की, टोल प्लाजा की बंद की जाएंगी ताकि किसी भी प्रकार की रोशनी जमीन से दिखाई न दे।
मॉक ड्रिल के दौरान और उसके बाद संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अस्पतालों में जरूरी दवाओं और स्टाफ की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। नगर परिषद आयुक्त और दमकल विभाग को उपकरणों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कलक्टर ने कहा कि एनसीसी और स्काउट-गाइड के प्रशिक्षित विद्यार्थी इस अभ्यास में अहम भूमिका निभाएंगे और जरूरत पडऩे पर आसपास के लोगों को दिशा-निर्देश देने में मदद करेंगे।
जिला कलक्टर कलपना अग्रवाल ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इस मॉक ड्रिल को गंभीरता से लें और अपनी सक्रिय व जिम्मेदार भागीदारी सुनिश्चित करें। यह केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि भविष्य की किसी भी आपदा में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारी है। यह अभ्यास नागरिक सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को समझने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर है। सभी लोग इसमें अपनी जागरूकता का परिचय दें और जिले को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उदाहरण बनाएं। गाँव स्तर तक यह अभ्यास पहुंचाया जाएगा ताकि सबसे निचले स्तर तक जागरूकता फैले। अत: घबराएं नहीं, सीखें और सशक्त बनें। खासकर युवाओं, विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण होगी।
Published on:
07 May 2025 08:38 am
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