राजस्थान बजट 2018: ना सिटी स्मार्ट हुआ, ना क्लीन बनाने के लिए हुआ बड़ा काम- अब बजट से है ये उम्मीदें

स्मार्ट सिटी और क्लीन सिटी के लिए राज्य सरकार ने घोषणाएं तो कई किए, लेकिन काम अभी भी...

By: पुनीत कुमार

Updated: 10 Feb 2018, 10:54 PM IST

जयपुर। राज्य के आधारभूत ढ़ाचे को मजबूती देने के साथ प्रदेश को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपने पिछले बजट में कई घोषणानाएं की थी। मौजूदा सरकार एक बार फिर अपना बजट 12 फरवरी को पेश करने जा रही है। चो वहीं इससे पहले स्मार्ट सिटी डवलपमेंट के नाम पर ऐसा कोई बड़ा काम नहीं दिखा, जो सीधे तौर आम जनता को दिखाई दे सके।

 

प्रदेश की राजधानी जयपुर हो या फिर अन्य जिलें स्मार्ट सिटी और क्लीन सिटी के लिए राज्य सरकार ने घोषणाएं तो कई किए, लेकिन काम अभी भी अधूरा है। ऐसे में इस बार बजट से इस क्षेत्र को खासी उम्मीद है ताकि उम्मीदों की इमारत आसमान छू सके। स्मार्ट सिटी को लेकर क्या घोषणाएं हुई, और कितने पूरे हुए आइए जानते हैं.... साथ ही बजट इस बजट से लोगों को किस तरह की उम्मीदें हैं....

 

स्मार्ट सिटी को लेकर झुंझुनूं में ये है हाल-

झुंझुनूं जिला को सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी बनाने के किए जा रहे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पिछले बजट में शहर को स्मार्ट और क्लीन बनाने के लिए बजट में कुछ विशेष नहीं मिला था। हालांकि केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर बिजली, पानी, ग्रीन स्पेश, सडक़, सीवरेज और ड्रेनेज को सुधारने के लिए झुंझुनूं की सरकार (नगर परिषद) को साढ़े तेरह करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। जिसमें 75 प्रतिशत राशि केंद्र और राज्य सरकार तथा 25 प्रतिशत राशि नगर परिषद बोर्ड की ओर से वहन किए जाएंगे।

 

शहरी क्षेत्रों के विकास का हाल-

बात राजस्थान के शहरी क्षेत्रों के विकास की करें तो अंतिम 2 वर्ष में करीब 9500 करोड़ रुपए राशि खर्च करने का दावा किया गया, लेकिन हकीकत में कितनी राशि खर्च हुई, इसका वास्तविक आंकड़ा सरकार अधिकारिक तौर पर बताने से बच रही है। इस बीच सरकार ने केवल नियमित प्रक्रिया के तहत कुछ शहरों में फ्लोईओवर, रेलवे ओवरब्रिज, अण्डरपास का काम जरूर किया। इसमें राजधानी जयपुर में ऐसे 7 प्रोजेक्ट वर्तमान में उधारी की रकम से चालू हैं।

 

उधर, केन्द्र सरकार ने गरीबों के लिए अफोर्डेबल आवास को इन्फ्रास्ट्रक्चर में शामिल तो कर लिया, लेकिन राजस्थान में इसके हालात भी दयनीय रहे। करीब 6.50 लाख आवास के लक्ष्य में से अब तक केवल 1.25 लाख आवास का दावा किया गया। इसमें से भी निजी डवलपर्स के ज्यादातर प्रोजेक्ट में तो निर्माण स्वीकृति दी गर्इ है। यानी आशियाने बनकर तैयार होने से ठीक पहले चुनाव सामने होंगे।

 

बजट से इस जिले को ये है उम्मीद-

12 को पेश होने वाले बजट से झुंझुनूं को बड़ी उम्मीदें हैं। यहां पर राज्य सरकार के दौरे के दौरान बैठक कर यहां की समस्याओं को रखा था। शहर में बाइपास के लिए बजट घोषणा की उम्मीद हैं। अमृत योजना में केंद्र और राज्य सरकार ने अच्छा बजट दिया है। स्मार्ट और क्लीन सिटी के कार्य चल रहे हैं। (सभापति सुदेश अहलावत)

राज्य सरकार ने पिछले बजट में कुछ नहीं दिया है। इस बजट में भी हमें नहीं लगता है कि झुंझुनूं की जनता को उम्मीद हैं। यह सोई हुई सरकार है। स्मार्ट सिटी के दावे खोखले हैं। (रवींद्र भड़ौंदा)

तो वहीं यहां के रहने वाले निवासी का कहना है कि पिछले बजट भी झुंझुनूं के लिए अच्छा रहा है। उम्मीद है शहर के लिए इस बार भी बजट में अच्छी घोषणाएं होंगी।

 

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पुनीत कुमार
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