
सदन में वक्तव्य रखतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद महंगाई पर काबू नहीं पाया जा सका है। चाहे खाने-पीने का सामान हो या फिर डीजल-पेट्रोल लगभग हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। खाने-पीने की चीजों की कीमतों से लेकर ऑटो सेक्टर तक हर क्षेत्र में महंगाई का असर दिख रहा है। ऐसे में आम आदमी सरकार से उम्मीद कर रहा है कि वह बजट में कुछ ऐसे कदमों की घोषणा करे जिससे महंगाई पर काबू पाने में मदद मिले। इस बार उम्मीद है कि सरकार आदमी को राहत देने के लिए टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ा सकती है।
लोगों को 10 लाख रुपए तक की आय में छूट दिए जाने की उम्मीद है। जीएसटी का संग्रह हर माह रिकॉर्ड बना रहा है तो बजटरी डिफिसिट निश्चित तौर पर कम हो रही है। ऐसे में किसी भी तरह का नया टैक्स लगाना आम जनता के साथ विशेष कर गिने-चुने टैक्स पेयर्स के साथ अन्याय होगा। बांग्लादेश में अशांति के चलते वहां से कुछ उद्योग के ट्रांसफर होकर भारत आने की उम्मीद है। ऐसे में कुछ मूलभूत सुविधाएं टैक्स रिबेट के माध्यम से अगर सरकार घोषित करती है तो निश्चित तौर पर कुछ नए उद्योग को भारत में लाने का मौका हो सकता है। केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नए टेक्सटाइल पार्क की घोषणा करे ताकि इस क्षेत्र में नई यूनिट्स स्थापना को प्रोत्साहन मिले। आम जनता यही चाहेगी कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम और न बढ़ें।
महेंन्द्र जैन, सचिव, कोट्टी
आज इंटरनेशनल मार्केट में सोने चांदी के दाम बढऩे के कारण इस व्यवसाय में काफी नरमी आ गई है। ऊपर से भारत सरकार की ओर से इंपोर्ट ड्यूटी, जीएसटी, इनकम टैक्स ज्यादा लगाने से इस व्यवसाय को चलाना काफी मुश्किल हो रहा है। आशा है कि वित्त मंत्री ज्वेलरी व्यवसाय के लिए बजट में टैक्स में कुछ छूट का ऐलान करेगी। इससे यह व्यवसाय अच्छा चल सके और देश में लोगों को रोजगार ज्यादा उपलब्ध हो सके।
रतनलाल अग्रवाल, डायरेक्टर, आरआर अग्रवाल ज्वेलर्स
महिलाओं और स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता और आसान ऋण योजनाएं लघु उद्योगों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी। क्रेडिट गारंटी स्कीम को मजबूत कर छोटे उद्यमों को ऋण प्राप्ति में अधिक आसानी मिलेगी। इसके साथ ही निर्यातकों के लिए अनुकूल नीतियों और मेक इन इंडिया पहल को आगे बढ़ाने के लिए नए प्रोत्साहनों की घोषणा की गई है, जिससे एमएसएमई को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। एमएसएमई को बढऩे, नवाचार को अपनाने और वैश्विक व्यापार में अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। कुशल श्रमिकों के निर्माण और डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने से भारत के लघु उद्योगों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रज्ञा झुनझुनवाला, उद्यमी
आम बजट से सुगंध उद्योग को काफी उम्मीदें हैं। ठोस उपायों को लेकर उद्योग आशान्वित है जो विकास और नवाचार को बढ़ावा देंगे। हम सरकार से कच्चे माल, विशेषकर प्राकृतिक तेलों पर कर राहत पर विचार करने का आग्रह करते हैं, जिससे उत्पादन लागत में काफी कमी आएगी। इसके अतिरिक्त, निर्यात-उन्मुख व्यवसायों के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने और मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने से क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
ऋषभ सी. कोठारी, उद्यमी
प्लास्टिक उद्योग को बजट से बड़ी आस है। हम उन नीतियों की आशा करते हैं जो स्थिरता के साथ क्षेत्र के विकास का समर्थन करती हैं। हमारा क्षेत्र एमएसएमई केंद्रित है। हम सरकार से एमएसएमई क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन पेश करने का आग्रह करते हैं। पर्यावरण के अनुकूल प्लास्टिक विनिर्माण, कच्चे माल पर जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के साथ-साथ इस क्षेत्र के लिए सरकार के उच्च विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कच्चे माल पर सीमा शुल्क को कम करना, पर्यावरणीय स्थिरता और औद्योगिक विकास के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
ललित अग्रवाल, अध्यक्ष, भारतीय प्लास्टिक महासंघ
रियल एस्टेट क्षेत्र भारत के आर्थिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विकास पथ को बनाए रखने और वैश्विक अनिश्चितताओं, गिरते रुपए और सुस्त खपत जैसी गंभीर आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है, जो कई क्षेत्रों में विकास के लिए गुणक के रूप में कार्य कर सकता है। रियल एस्टेट क्षेत्र को लक्षित प्रोत्साहन और नीतिगत समर्थन प्रदान करना जरूरी है।
साकेत मोहता, एमडी, मर्लिन ग्रुप
बजट में बुनियादी ढांचे पर खर्च और पीएलआई के दायरे को बढ़ाने पर निरंतर ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। उचित योग्यता-आधारित नीतियों की जरूरत है। पुराने वाहनों को हटाने के लिए प्रोत्साहित करने के उपायों को लागू करने की आवश्यकता है। इससे नई पीढ़ी के वाहनों की मांग बढ़ेगी और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को खत्म किया जा सकेगा। हम सरकार से युवाओं को कौशलयुक्त करने के उपायों को प्राथमिकता देने, एमएसएमई का समर्थन करने, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में निवेश करने के उद्देश्य से उपायों को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।
विक्रम गुलाटी, उद्यमी
Published on:
31 Jan 2025 04:01 pm
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