
सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में हुआ वारदात, मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल फोटो सोर्स : Social Media
UP Crime Update: राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब चकबंदी यूनियन के निर्विरोध अध्यक्ष राजकुमार सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान राजकुमार सिंह के रूप में हुई है, जो चकबंदी विभाग के एक बेहद प्रभावशाली और वर्षों से निर्विरोध चुने जाते रहे अध्यक्ष थे। मौके पर फॉरेंसिक टीम के साथ-साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल गोली चलने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर रहस्य बना हुआ है।
राजकुमार सिंह न सिर्फ एक वरिष्ठ कर्मचारी थे, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी उनका खासा प्रभाव माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, वे कई बड़े नेताओं और अधिकारियों के ज्योतिषाचार्य भी थे। यही वजह है कि उनकी पहुंच शासन-प्रशासन के उच्च स्तर तक थी। उनके अचानक यूं मौत के मुंह में चले जाने से हर कोई स्तब्ध है।
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से बात की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि राजकुमार सिंह का व्यक्तित्व बेहद सरल और सहयोगी था। उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, जिससे मामला और अधिक जटिल बन गया है।
मौके पर जांच कर रही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने आसपास के इलाकों को सील कर दिया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गोली खुद राजकुमार सिंह ने चलाई या फिर किसी और ने उन्हें गोली मारी। पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। एसएचओ सुशांत गोल्फ सिटी ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को गोली लगी है। मौके पर पहुंचने पर उसकी पहचान राजकुमार सिंह के रूप में हुई। प्रारंभिक तौर पर गोली सिर में लगी है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ निश्चित कहा जा सकता है।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले राजकुमार सिंह की किससे बात हुई थी और क्या किसी तरह का विवाद या तनाव चल रहा था।
राजकुमार सिंह की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार और विभागीय सहयोगियों को मिली, सभी सकते में आ गए। परिवार में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस असामयिक निधन से सदमे में है। उनके एक सहयोगी ने बताया, “राजकुमार जी बेहद शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। वे हमेशा हर किसी की मदद को तैयार रहते थे। उनका इस तरह जाना हम सभी के लिए बहुत बड़ा झटका है।”
राजकुमार सिंह की प्रशासनिक सेवा और वर्षों की निष्ठा को देखते हुए उनके समर्थकों और सहयोगियों ने मांग की है कि उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाए। चकबंदी विभाग में उनके योगदान को लेकर सहकर्मियों ने कई बार उन्हें सम्मानित भी किया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर लखनऊ ने खुद मामले की निगरानी शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चाहे कोई भी हो, जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। यदि यह हत्या का मामला है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राजकुमार सिंह की मृत्यु के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए मामले की गहराई से जांच की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीव्र प्रतिक्रिया देखी जा रही है।
Updated on:
31 Jul 2025 07:57 am
Published on:
31 Jul 2025 07:57 am
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