बागपत जेल में हुए गोलीकांड में भले ही परिजन सुनील राठी पर सीधे आरोप न लगा रहे हों, लेकिन सुनील राठी ने अपने जुर्म का इकबाल कर लिया है। सुनील राठी की मानें तो उसने ही मुन्ना बजरंगी पर गोलिया चलाईं और उसकी हत्या कर दी। वहीं सूत्रों की मानें तो पहले दोनो ने एक साथ बैठकर चाय पी। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया और जेल में मौजूद सुनील राठी के गुर्गों ने मिलकर मुन्ना बजरंगी की पिटाई की। इसके बाद गोलियों से भूनकर उसकी हत्या कर दी।