
Gangster Anmol Bishnoi Rajasthan connection (Patrika Photo)
Gangster Anmol Bishnoi Rajasthan Connection: राजस्थान में संगठित अपराध की दुनिया आज एक नए मोड़ पर खड़ी है। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई की अमेरिका से भारत वापसी ने राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।
गैंगस्टर अनमोल को मंगलवार को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिल्ली लाया गया। NIA और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सबसे पहले उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे राजस्थान लाया जाएगा, जहां राजस्थान पुलिस उसकी आपराधिक कुंडली खोलने की तैयारी में जुटी है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जयपुर, जोधपुर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले में अनमोल के खिलाफ 21 से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं। उसे पकड़वाने के लिए एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया जा चुका है।
जयपुर में अनमोल बिश्नोई की गैंग की दहशत 2019 में उस वक्त साफ दिखी, जब जी क्लब के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। मौके पर चश्मदीद लोगों के मुताबिक, तीन बाइक पर सवार छह युवकों ने क्लब के बाहर 11 राउंड गोली चलाई, जिससे लोग जमीन पर लेटकर जान बचाने लगे। इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि फायरिंग से कुछ देर पहले एक युवक को कॉल आया था, “क्लब चालू रखना है…भाई का मैसेज पहुंचेगा आज रात।” इस वारदात के पीछे अनमोल बिश्नोई के निर्देश सामने आए।
उसके नाम से मैसेज भेजकर रंगदारी मांगने और बिजनेसमैन को डराने की कोशिश की गई। जयपुर के सांगानेर, रामनगरिया, हरमाड़ा, प्रताप नगर, अशोक नगर और बनी पार्क थानों में उससे जुड़े कुल सात केस दर्ज हैं।
राजस्थान में अनमोल का सबसे काला अध्याय जोधपुर से जुड़ा है। जोधपुर के ईस्ट और वेस्ट जोन में कुल आठ केस दर्ज हैं। इनमें से तीन केस हत्या और फिरौती से जुड़े हैं।
सितंबर 2017 में जोधपुर की व्यस्त बाजार में एक दुकान के सामने तीन राउंड फायरिंग किए। दुकानदार वासुदेव इसरानी गंभीर घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
तफ्तीश में सामने आया कि 50 लाख रुपए की फिरौती न देने पर ये हमला किया गया था। कॉल रिकॉर्डिंग में एक आवाज गूंज रही थी, “पैसा दो…वरना अगला नंबर तुम्हारा नहीं, तुम्हारे परिवार का होगा।”
पुलिस ने जांच की तो इस साजिश का मास्टरमाइंड अनमोल बिश्नोई निकला। इसके बाद जोधपुर के शास्त्री नगर में व्यापारी रितेश लोहिया के घर पर भी फायरिंग की गई। मैसेज वही था, “भाई का नाम याद रखना।”
साल 2018, फिर 2020 और 2021, जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद रहने के दौरान भी अनमोल शांत नहीं बैठा। उसके बैरक नंबर 14 से तीन बार मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए, जिनसे वह जेल के अंदर से ही धमकी और रंगदारी का नेटवर्क चला रहा था। वो जेल से ही कारोबारियों को धमकाता था, तुम जोधपुर में रहते हो और गैंग को नहीं जानते? यही उसकी स्टाइल थी।
साल 2021 में जमानत पर रिहा होने से पहले NIA ने राजस्थान पुलिस से कहा कि अनमोल के फिंगरप्रिंट्स और केस रिकॉर्ड भेजे जाएं। जोधपुर पुलिस ने केस फाइल भेज दी, लेकिन जेल प्रशासन के पास उसके फिंगरप्रिंट ही नहीं मिले, जिससे पुराने मामलों को जोड़ना एक चुनौती बन गया। सात अक्टूबर 2021 को रिहा होते ही अनमोल फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश भाग गया।
विदेश भाग जाने के बाद अनमोल अमेरिका, दुबई और कनाडा से गैंग ऑपरेट करता रहा। सुरक्षा एजेंसियों ने उसके वॉयस नोट्स, इंस्टाग्राम पेजों और टेलीग्राम चैनलों से पता लगाया कि उसने कई बड़ी साजिशों में भूमिका निभाई।
सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस की प्लानिंग, सलमान खान के घर फायरिंग की धमकी, बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की बातचीत और लॉरेंस गैंग की ऑनलाइन धमकियों को निर्देश देना। उसका नाम उभरकर तब सामने आया जब उसने लिखा, “खून का हिसाब खून से होगा…”
भारत सरकार लंबे समय से अमेरिका से अनमोल के प्रत्यर्पण की कोशिश में लगी हुई थी। अब जाकर उसे कामयाबी हाथ लगी है। अनमोल न सिर्फ बाबा सिद्धीकी हत्या मामले का साजिशकर्ता है, बल्कि अप्रैल में एक्टर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग और 12 अक्टूबर को एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी उसका अहम रोल रहा है।
अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी एक भारतीय पासपोर्ट चेक कर रहे थे। नाम लिखा था, ‘भानू’। पासपोर्ट असली लग रहा था, लेकिन जब उस कंपनी का रेफरेंस लेटर देखा गया, जिससे वह अमेरिका पहुंचा था, अधिकारियों को शक हुआ। भानू कोई और नहीं…बल्कि लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल है। FBI को जानकारी दी गई और भारतीय एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
अनमोल के भाई रमेश बिश्नोई ने कहा, हम मानने को तैयार नहीं हैं कि अनमोल हत्या करवा सकता है। वह सिर्फ लॉरेंस का भाई होने के कारण फंसाया जा रहा है। हमारा परिवार तो संतों का परिवार है। आज उस बच्चे की सुरक्षा बढ़ाई जाए। दुश्मन गैंग के दो-तीन गुट बन चुके हैं। उसे कोई बड़ा नुकसान न हो।
जयपुर के क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए एक विशेष टीम बना ली है। पुराने 21 से ज्यादा मामलों को फिर से खोला जाएगा। NIA और राज्य पुलिस मिलकर पूछताछ करेंगी। गैंग के ऑनलाइन नेटवर्क को ट्रैस करने के लिए साइबर यूनिट तैयार की गई है।
सूत्रों का दावा है कि पिछले छह महीने से लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा के रिश्ते बिगड़ चुके हैं। ऐसे में लॉरेंस चाहता है कि अनमोल राजस्थान के ऑपरेशन संभाले। लेकिन पुलिस की योजना साफ है कि राजस्थान में इस गैंग का नेटवर्क पूरी तरह तोड़ना होगा।
-लॉरेंस और गोदारा के टूटे रिश्ते का राज खोलेगा?
-बड़े नामों को बेनकाब करेगा?
-अपना बचाव करेगा या बाकी लोगों का नाम लेगा?
Published on:
20 Nov 2025 06:00 am
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