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सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के साक्षी के रूप में झांसी का किला मौजूद है। इस स्वतंत्रता संग्राम की दीप शिखा महारानी लक्ष्मीबाई के साथ ही किले का भी नाम जुड़ा हुआ है। इस किले का निर्माण बंगरा नामक पहाड़ी पर 1613 ईस्वी में ओरछा के बुंदेले राजा वीरसिंहजू देव ने कराया था। इसके निर्माण के बाद 25 साल तक यहां बुंदेले राजाओं ने राज किया। इसके बाद इस किले पर मुगलों, मराठों और अंग्रेजों का अधिकार रहा। मराठा शासक नारूशंकर ने इसमें कई फेरबदल किए। बाद में यह महारानी लक्ष्मीबाई के पास आ गया।