
Shehbaz Sharif
पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) के बाद भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) में एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है। इस्लामिक आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों के हिंदू होने की पुष्टि होने पर 26 लोगों की जान ले ली। इस आतंकी हमले में 20 लोग घायल हो गए। पहले इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी द रेसिस्टेन्स फ्रंट (The Resistance Front – TRF) नाम के आतंकी संगठन ने ली थी, जिसका कनेक्शन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के साथ है। बाद में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए आतंकी संगठन ने इनकार कर दिया कि उनका इस हमले से कोई हाथ नहीं है। भारत सरकार ने इस आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौता (Sindhu Water Treaty) रद्द करने के साथ ही कुछ अन्य फैसले भी लिए हैं। हालांकि पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका भारत सरकार के सिंधु जल समझौता रद्द करने से ही लगा है। भारत के इस एक्शन से पाकिस्तान की टेंशन बढ़ गई है।
भारत के सिंधु जल समझौता रद्द करने से पाकिस्तान घबरा गया है। भले ही पाकिस्तानी नेता गीदड़भभकी दे रहे हैं कि भारत ऐसा नहीं कर सकता और पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा, पर असल में पाकिस्तान की टेंशन काफी बढ़ गई है। पाकिस्तान में पानी का सबसे बड़ा स्त्रोत सिंधु नदी ही है और इसका पानी रुकने पर पाकिस्तान में सूखे से हाहाकार मच सकता है। सिंध प्रांत में तो हड़कंप मच गया है। ऐसे में सिंध सरकार के कहने पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ ने आज सीसीआई (CCI) की मीटिंग बुलाई है।
यह भी पढ़ें- India vs Pakistan: किसकी सेना ज़्यादा ताकतवर? अगर हुआ युद्ध तो किसका पलड़ा रहेगा भारी?
पहले सीसीआई की यह मीटिंग 2 मई को होनी थी। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस मीटिंग को चार दिन पहले, यानी कि 28 अप्रैल को ही करने का फैसला लिया गया है, जिससे सिंधु जल समझौता रद्द होने से पाकिस्तान के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की जा सके। पंजाब प्रांत की सरकार ने पाकिस्तान में सिंधु नदी पर 6 नहरें बनाने का प्रस्ताव दिया है जिससे पंजाब के किसानों को पानी मिल सके। सिंध सरकार इसके खिलाफ है क्योंकि इससे सिंध में पानी की किल्लत हो जाएगी। इस मुद्दे पर भी मीटिंग में चर्चा की जाएगी।
भारत सरकार के सिंधु जल समझौता रद्द करने की वजह से पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ है। सिंध प्रांत में इस वजह से जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। इसका नकारात्मक असर व्यापार पर भी पड़ा है। माल को दूसरे प्रांतों में ले जाने वाले रास्तों के रुके होने से व्यापारियों और किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
यह भी पढ़ें- “पाकिस्तान का पानी रोकना गलत, सभी पाकिस्तानी आतंकी नहीं”, किसान नेता ने दिया विवादित बयान
Updated on:
28 Apr 2025 04:54 pm
Published on:
28 Apr 2025 04:51 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
