
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में महिला आरोपी।
Ahmedabad. शहर पुलिस ने न्यू राणीप इलाके में अहवाड़िया तालाब के पास फुटपाथ पर सो रहे एक श्रमिक दंपत्ति के एक माह 7 दिन के मासूम बालक के अपहरण मामले की गुत्थी सुलझा ली। 10 लाख रुपए के लालच में मानव तस्करी के इरादे से इस बच्चे का अपहरण करने की बात सामने आ रही है।
शहर क्राइम ब्रांच, जोन-2 और जोन-3 की 10 से अधिक टीमों ने मुख्य आरोपी युवती जीनल परमार (21) और उत्तर प्रदेश से मुख्य साजिशकर्ता भुवनेश्वर उर्फ भानू जाटव को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया। शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
गहलोत ने बताया कि यह घटना अहवाडि़या तालाब के किनारे फुटपाथ पर एक अक्टूबर की मध्यरात्रि बाद 1.55 बजे घटी। यहां सो रहे एक श्रमिक दंपत्ति के बच्चे को राणीप की जीनल ने उठा लिया। उसे लेकर वह नंबर प्लेट बिना वाहन से फरार हो गई। अगले दिन सुबह इसकी सूचना मिलने पर हरकत में आई पुलिस टीमों ने इसे गंभीरता से लिया। जोन-2, जोन-3, क्राइम ब्रांच की 10 टीमें गठित करते हुए तलाश शुरू की गई।
घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच में संदिग्ध युवती व अन्य आरोपियों का सुराग लगा। करीब 1000 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपियों की लोकेशन सोला सिविल हॉस्पिटल के पास मिली। इनके शहर छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए साबरमती रेलवे स्टेशन, राणीप बस स्टैंड, एयरपोर्ट व अन्य स्टेशनों पर नाकाबंदी की गई। इससे आरोपी घबरा गए। पकड़े जाने के डर से उन्होंने अपहृत बच्चे को 3 अक्टूबर को न्यू राणीप इलाके में तालाब के दूसरे छोर पर छोड़ दिया। बच्चे के मिलने के बाद युवती का भी सुराग लग गया और उसे पकड़ लिया गया। इस मामले में रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड के पास से दो नाबालिग को हिरासत में ले लिया।
आरोपियों की पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने मुख्य साजिशकर्ता भुवनेश्वर उर्फ भानू जाटव को उत्तरप्रदेश के नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला का रहने वाला है जिसे अहमदाबाद लाया जा रहा है। मुख्य आरोपी जीनल मूलरूप से सुरेन्द्रनगर की रहने वाली है।
गहलोत ने बताया कि जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी जीनल, मुख्य साजिशकर्ता भुवनेश्वर तथा अन्य दो नाबालिग नोएडा में एक कंपनी में साथ काम करते हैं। उसके साथ काम करने वाले उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति ने भुवनेश्वर से कहा कि यदि वह एक महीने से कम उम्र के बच्चे का इंतजाम करेगा तो वह उसे 10 लाख रुपए देगा। भुवनेश्वर ने इस बारे में जीनल और दो नाबालिग से बात की। बच्चा लाकर देने पर तीनों को 6 लाख रुपए देने का लालच दिया। लालच में आकर जीनल ने यूपी के दो नाबालिगों के साथ मिलकर अहमदाबाद से बच्चे को उठाने की साजिश रची थी।
गहलोत ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले सोला हॉस्पिटल और सोला ब्रिज के नीचे रहने वाले श्रमिकों के पास भी रेकी की थी। वहां उन्हें छोटा बालक नहीं मिला। राणिप क्षेत्र में रहने वाली जीनल ने अपने घर के आसपास रेकी की और अहवाडि़या तालाब किनारे सोने वाले श्रमिक दंपत्ति के बच्चे को उठा लिया।
Updated on:
06 Oct 2026 10:21 pm
Published on:
06 Oct 2026 10:21 pm
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