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मादा बताकर दे दिए नर खजूर.. पनपी ही नहीं हुजूर

प्रदेश के 17 जिलों में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान योजना के तहत वर्ष 2022-23 और 2023-24 में किसानों को मादा की जगह नर खजूर के पौधे दे दिए गए। दस माह बाद जब खजूर नहीं पनपी तो पता चला कि नर पौधे होने से फूल नहीं आए है।
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बाड़मेर . प्रदेश के 17 जिलों में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान योजना के तहत वर्ष 2022-23 और 2023-24 में किसानों को मादा की जगह नर खजूर के पौधे दे दिए गए। दस माह बाद जब खजूर नहीं पनपी तो पता चला कि नर पौधे होने से फूल नहीं आए है। आनुशवांशिक भिन्नता के इन पौधों को न तो किसानों को बदलकर दिया गया और न ही इनकी मुआवजा राशि दी गई है। राज्य के उद्यान आयुक्तालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्य संपादन प्रतिभूति राशि(रिटेंशन मनी) को जब्त करने की चेतावनी दी है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय कृषक उपार्जन प्रसंस्करण एवं रिटेलिंग सहकारी संघ लिमिटेड(नेकॉफ), भारतीय राष्ट्रीय निर्माण एवं विकास सहकारी संघ मर्यादित(एनएफसीडी) ने वर्ष 2022-23 और 2023-24 में खजूर परियोजना में चयनित राज्य के 17 जिलों में टिश्यूकल्चर खजूर के 37094 पौधे वितरित किए। ये पौधे रोपित करने के दस महीने बाद भी इन पर फूल नहीं लगे। पता चला कि मादा पौधों की जगह नर पौधे आ गए हैं। पौधे असामान्य बढऩे लगे। इस पर एक कमेटी गठित की गई,जिसने 7251 पौधों में आनुवांशिक भिन्नता की रिपोर्ट दे दी। यह रिपोर्ट सितंबर 2024 में आ गई थी। इसके बाद इन पौधों को बदलने व अनुबंध की शर्त के मुताबिक किसानों को हर्जाना देना था।

800 रुपए प्रति पौधा देना था

अनुबंध शर्त के अनुसार 800 रुपए प्रति पौधा किसान को हर्जाना देना था। 7251 पौधा के हिसाब से करीब 58 लाख रुपए मुआवजा तय हुआ लेकिन यह राशि कमेटी की रिपोर्ट के बाद किसानों को नहीं दी गई है। रिटेंशन राशि जब्त करने की चेतावनी राज्य उद्यानिकी विभाग ने अब नेकॉफ व एनएफसीडी को रिटेंशन मनी जब्त करने की चेतावनी दी है, जो विभाग के पास जमा है। विभाग को राज्य उद्यानिकी आयुक्त ने नोटिस जारी किया है।

इन जिलों में बंटे

खजूर के पौधे अजमेर, बाड़मेर ,बीकानेर, चुरू, दौसा, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झुंझूनूं, जोधपुर, नागौर, पाली, सिरोही, डीडवाना, कुचामन, बालोतरा,फलोदी, ब्यावर और टोंक।

#Meghalaya Murder Mysteryमें अब तक