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भाजपा में तेजी से बढ़ रहे सिंधिया समर्थक, उमा भारती और कैलाश विजयवर्गीय किसे डरा रहे हैं ?

मामला चर्चा में उस समय आया, जब भाजपा के दो कद्दावर नेताओं ने एक साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ में कसीदे पढ़ दिये। इनमें पूर्व सीएम उमा भारती और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय का नाम शामिल है।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 8 Nov 2022, 2:27 PM IST

News

भाजपा में तेजी से बढ़ रहे सिंधिया समर्थक, उमा भारती और कैलाश विजयवर्गीय किसे डरा रहे हैं ?

भोपाल. मध्य प्रदेश में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। एक तरफ प्रदेश में सक्रीय सभी सियासी दल अपनी - अपनी चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं तो वहीं, दूसरी तरफ चुनाव से पहले प्रदेश के सियासी गलियारे में एक अलग ही बेचैनी नजर आने लगी है। खासतौर पर भाजपा के खेमे में हलचल तेज है। यहां कोई किसी के पक्ष में खुलकर तो सामने नहीं आ रहा। लेकिन, किसी की तारीफों के पुल बांधना पक्ष लेने के ही समान माना जाता है। मामला चर्चा में उस समय आया, जब भाजपा के दो कद्दावर नेताओं ने एक साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ में कसीदे पढ़ दिये।


आपको बता दें कि, कैंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ करते हुए मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उन्हें हीरा बताया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने सिंधिया की तारीफ में खूब बखान किया है। हालांकि, ये तारीफ सामान्य हो सकती है। लेकिन, एक साथ दो दिग्गज नेताओं द्वारा एक ही शख्स की तारीफ करना बीजेपी के भीतर ही नए समीकरण को जन्म देने लगी है। सूत्रों की माने तो पार्टी के भीतर ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

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उमा के इस बयान ने बढ़ाई हलचल

ये बात तो प्रदेश का बच्चा - बच्चा समझता है कि, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती कथित रूप से इन दिनों अपनी ही सरकार से खुश नजर नहीं आतीं। हालांकि, वो कभी खुलकर तो सरकार के खिलाफ नहीं जातीं, लेकिन शराबबंदी के मुद्दे पर पर वो आए दिन उसे घेरती नजर आती हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि, एक बार फिर वो अपनी सियासी धाक जमाने के लिए जद्दोजहद कर रही हैं। इसी बीच उमा भारती ने पिछले दिनों टीकमगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कैंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जमकर तारीफ की है। यही नहीं, उन्होंने सिंधिया को हीरा तक बता दिया।


उमा भारती ने किया ट्वीट

उमा भारती द्वारा ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ के बाद मध्य प्रदेश में चर्चाओं का दौर शुरु हुआ, जिसने पार्टी के भीतर ही इतना तूल पकड़ा कि, उमा भारती को अपने बयान पर सफाई देने के लिए ट्वीट तक करना पड़ा। उमा भारती ने अपने ट्वीट में लिखा कि, 'मैं तो ज्योतिरादित्य सिंधिया से स्नेह रखती हूं और प्रशंसा भी करती रहती हूं।' इसके साथ ही उमा ने लिखा कि, 'कैलाश विजयवर्गीय ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रशंसा करके अपनी उच्च कोटि की पार्टी निष्ठा और उदात्त राजनीति का परिचय दिया है।'

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कैलाश विजयवर्गीय ने ग्वालियर में की तारीफ

यही नहीं, इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी कैंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ कर दी। ग्वालियर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने सिंधिया की तारीफ में कहा कि, सिंधिया बहुत अच्छे नेता हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता।

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सिंधिया के धुर विरोधी भी अब कर रहे तारीफ

भारतीय जनता पार्टी में सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती या भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ही नहीं हैं, जो कैंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ कर रहे हैं। सूबे की भाजपा में सिंधिया के समर्थकों और प्रशंसकों की फौज तेजी से बढ़ रही है। खास बात तो ये है कि, तारीफ करने वाले नेताओं में उनकी भी बड़ी तादाद हो रही है, जो किसी जमाने में सिंधिया के धुर विरोधी रहे हैं। इसमें एक नाम जयभान सिंह पवैया और एक प्रभात झा भी हैं। ये दिग्गज नेता भी अब आमतौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ नजर आते रहते हैं।

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ये नेता सिंधिया के साथ आ रहे नजर

राजनीति के विश्लेशकों की मानें तो खास तौर पर सिंधिया के करीब इन दिनों उन बाजपा नेताओं को देखा जा रहा है, जिनका पार्टी में कद और स्थान तो है, लेकिन पूछ परख नहीं है। इनमें वो नेता शामिल हैं, जो अपनी बात सीधे आलाकमान तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जानकारों का ये भी मानना है कि, सिंधिया बीजेपी में ऊपर से नीचे आए हैं। यही कारण है कि, आलाकमान के बीच भी उनकी सीधी पहुंच है।

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शिवराज सिंह चौहान को कितना खतरा ?

जानकार ये भी मान रहे हैं कि, विदानसभा चुनाव में कुछ ही महीने शेष हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश भाजपा में सभी बड़े नेता अपना वजूद बरकरार रखने की लड़ाई लड़ रहे हैं। सभी नेता एक समय में अपने-अपने इलाके के बल्लम माने जाते थे। अभी बीजेपी में सिर्फ आलाकमान की ही चल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि, बीजेपी के दिग्गजों की जुगलबंदी से शिवराज सिंह चौहान को कितना नुकसान है ? हालांकि, जानकारों की इस पर ये राय है कि, खतरा किसी को किसी से नहीं है, यहां सभी अपने अपने वर्चस्व को बढ़ाने में ही जुटे हैं।