
सीकर लोकसभा क्षेत्र: जाखड़ व देवीलाल जैसे दिग्गज नेताओं ने सीकर को बनाई थी कर्मभूमि
भाजपा ने वर्तमान सांसद सुमेधानंद को तीसरी बार मैदान में उतारा
जाट बाहुल्य क्षेत्र होने से दोनों ही पार्टियां जाट को बनाती है प्रत्याशी
कांग्रेस ने माकपा से किया गठबंधन
जयपुर। एक समय था जब सीकर लोकसभा सीट देश के चुनिंदा सीटों में शुमार थी। इस सीट को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ तो पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल ने भी अपनी कर्मभूमि बनाई थी। इस सीट से जाखड़ लोकसभा अध्यक्ष रहते हुए चुनाव लड़े तो सीकर पूरे देश में चर्चा में आ गया। इसके बाद जब चौधरी देवीलाल यहां से जीतने के बाद उपप्रधानमंत्री बने तो सीकर देश के नक्शे में छा गया।
इसी चर्चित सीट से इस चुनाव में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सुमेधानंद सरस्वती को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस ने यहां पर माकपा से गठबंधन किया है। हालांकि अभी तक यहां से गठबंधन का प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरा है। भाजपा यहां से जीत की हेट्रिक लगाने के प्रयास में लगी हैं, जबकि कांग्रेस यहां से भाजपा के इस विजयी रथ को रोकना चाहती है।
सीकर लोकसभा सीट वर्ष 1952 से ही अस्तित्व में रही है। इस क्षेत्र को जाट बाहुल्य क्षेत्र कहा जाता है। यहां से दोनों ही पार्टियां जाट को प्रत्याशी बनाती आई हैं। सीकर को ही जाट राजनीति का प्रमुख क्षेत्र कहा जाता है। जाट राजनीति का अनुमान इसी से ही लगाया जा सकता है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1999 में सीकर से ही जाट आरक्षण की घोषणा की थी। इसके बाद से जाट राजनीति में हलचल और तेज हो गई।
सीकर सांसद से ही बने देवीलाल उपप्रधानमंत्री
चौधरी देवीलाल हरियाणा की ही राजनीति करते आए थे। वे वर्ष 1989 में सीकर लोकसभा क्षेत्र से जनता दल से चुनाव लड़े थे। इन्होंने उस समय के कांग्रेस के दिग्गज नेता और तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ को पराजित किया था। इसके बाद इन्हें देश का उपप्रधानमंत्री बनाया गया। ये भारत के छठे उपप्रधानमंत्री बने। इस चुनाव में देवीलाल ने सीकर और हरियाणा के रोहतक से एक साथ दो लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ा था। दोनों ही जगह से वे जीत गए थे। देवीलाल वर्ष 1989 से वर्ष 1991 तक वीपी सिंह व चन्द्रशेखर के प्रधानमंत्री के कार्यकाल में उपप्रधानमंत्री बने रहे।
विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत
पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनावों के हिसाब से देखें तो यहां पर कांग्रेस मजबूत स्थिति में नजर आती है। इस सीट पर आठ विधानसभा क्षेत्र लगते हैं। इनमें से पांच पर कांग्रेस तो तीन पर भाजपा का कब्जा है।
लोकसभा अध्यक्ष रहते जाखड़ ने लड़ा था चुनाव
सीकर लोकसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे बलराम जाखड़ ने चार बार चुनाव लड़ा है। वे 1980 में ही लोकसभा अध्यक्ष बन गए थे। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1984 में सीकर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस समय जाखड़ लोकसभा अध्यक्ष थे। उन्होंने इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी को पराजित किया था। इसके बाद उन्होंने यहां से 1989 का चुनाव लड़ा। ये चुनाव वे चौधरी देवीलाल से हार गए। इसके बाद जाखड़ ने फिर तीसरा चुनाव वर्ष 1991 में भी सीकर से लड़ा। इस चुनाव में जाखड़ जीत गए। यह चुनाव जीतने के बाद जाखड़ को नरसिंहराव की सरकार में केन्द्रीय कृषि मंत्री बनाया गया। सुभाष महरिया ने वर्ष 1999 में लोकसभा का चुनाव भाजपा के टिकट से लड़ा था। उस समय उनके सामने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ मैदान में थे। उस समय मेहरिया ने जाखड़ को शिकस्त देकर सबको चौंका दिया था। इसके बाद मेहरिया यहां से बड़े नेताओं में शुमार होने लगे। इन्होंने यहां पर जीत की हेट्रिक लगाई। इस तरह जाखड़ ने सीकर लोकसभा सीट से चार चुनाव लड़े। इनमें से दो जीते और दो हारे थे।
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विधानसभा क्षेत्र---विधायक--पार्टी
लक्ष्मणगढ़---- गोविंद सिंह डोटासरा---- कांग्रेस
धोद---- गोरधन वर्मा---- बीजेपी
सीकर---- राजेन्द्र पारीक---- कांग्रेस
दांतारामगढ़---- वीरेन्द्र सिंह---- कांग्रेस
खंडेला---- सुभाष मील---- बीजेपी
नीम का थाना---- सुरेश मोदी---- कांग्रेस
श्री माधोपुर---- झाबर सिंह खर्रा---- बीजेपी
चौमूं---- शिखा मील बराला---- कांग्रेस
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संसद सदस्य
वर्ष---- सदस्य---- दल
1952---- नंदलाल शर्मा---- रामराज्य परिषद
1957---- रामेश्वर टांटिया---- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962---- रामेश्वर टांटिया---- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967---- एस.साबू---- भारतीय जनसंघ
1971---- श्रीकृष्ण मोदी---- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977---- जगदीश प्रसाद माथुर---- बीएलडी
1980---- कुंभा राम आर्य---- जनता पार्टी (सेक्युलर)
1984---- बलराम जाखड़---- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989---- चौधरी देवीलाल---- जनता दल
1991---- बलराम जाखड़---- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1996---- डॉ. हरि सिंह---- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1998---- सुभाष महरिया---- भारतीय जनता पार्टी
1999---- सुभाष महरिया---- भारतीय जनता पार्टी
2004---- सुभाष महरिया---- भारतीय जनता पार्टी
2009---- महादेव सिंह खंडेला---- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2014---- सुमेधानंद सरस्वती---- भारतीय जनता पार्टी
2019---- सुमेधानंद सरस्वती---- भारतीय जनता पार्टी
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पिछले चार चुनावों की स्थिति
वर्ष-2019
दल---- उम्मीदवार---- वोट---- प्रतिशत
बीजेपी---- स्वामी सुमेधानंद सरस्वती---- 772,104---- 58.19
कांग्रेस---- सुभाष महरिया---- 4,74,948---- 35.79
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वर्ष-2014
बीजेपी---- स्वामी सुमेधानंद सरस्वती---- 4,99,428---- 46.86
कांग्रेस---- प्रताप सिंह जाट---- 2,60,232---- 24.42
निर्दलीय---- सुभाष महरिया---- 1,88,841---- 17.81
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वर्ष-2009
कांग्रेस---- महादेव सिंह खंडेला---- 3,24,812---- 44.79
बीजेपी---- सुभाष महरिया---- 1,75,386---- 24.18
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वर्ष-2004
बीजेपी---- सुभाष महरिया---- 3,67,546---- 47.15
कांग्रेस---- नारायण सिंह---- 3,12,863---- 40.14
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Published on:
22 Mar 2024 12:40 pm
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