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क्रैश के बाद 1000 डिग्री तक पहुंच गया टेंपरेचर, कुत्तों और पक्षियों को भी नहीं मिला भागने का मौका

Ahmedabad Plane Crash: अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया विमान के अंदर और आसपास का तापमान लगभग 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया।
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अहमदाबाद

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Shaitan Prajapat

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Updated: 13 Jun 2025, 8:56 PM IST

क्रैश के बाद 1000°C तक पहुंच गया तापमान (Photo - IANS)

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया विमान स्थल के आसपास का तापमान लगभग 1,000 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया, जिससे बचाव अभियान अत्यंत कठिन हो गया। राज्य आपदा राहत बल के अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में मौजूद कुत्तों और पक्षियों के लिए भी समय रहते बच पाना लगभग असंभव हो गया। इस हादसे में 265 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।

कुत्ते और पक्षी भी नहीं बच पाए

एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया विमान के अंदर और आसपास का तापमान इतना बढ़ जाने की वजह से बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद कुत्ते और पक्षी भी बच नहीं पाए।

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विमान के अंदर भरा हुआ था 1.25 लाख लीटर ईंधन

आपको बता दें कि 242 यात्रियों और चालक दल को लेकर लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान गुरुवार दोपहर शहर के हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद अहमदाबाद के एक रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने संवाददाताओं से कहा, विमान के अंदर 1.25 लाख लीटर ईंधन था और उसमें आग लग गई। इसलिए किसी को भी बचाना असंभव था।

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किसी को भी जीवित नहीं निकाल पाई एसडीआरएफ

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के एक अधिकारी ने बताया कि उनके कर्मी दोपहर 2 से 2.30 बजे के बीच बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और कर्मचारियों के छात्रावास और आवासीय क्वार्टरों में पहुँचे, जहां विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इससे पहले, स्थानीय लोगों ने कुछ लोगों को जीवित बाहर निकाला था, लेकिन उनकी टीम किसी को भी जीवित नहीं निकाल पाई।

ऐसी आपदा कभी नहीं देखी: अग्निशमन अधिकारी

एक वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी ने कहा, जैसे ही (विमान का ईंधन) टैंक फटा, आग की लपटें उठने लगीं और कुछ ही समय में तापमान 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे किसी के बचने की संभावना बहुत कम रह गई। एसडीआरएफ कर्मी ने कहा कि उन्होंने पहले भी संकट की स्थितियों को संभाला है, लेकिन ऐसी आपदा कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा, हम यहां पीपीई किट के साथ आए थे। लेकिन तापमान इतना अधिक था कि ऑपरेशन मुश्किल हो गया।