25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कश्मीर के इस इलाके पर चीन ने ठोका दावा, कहा- यह हिस्सा भारत का नहीं, हमने पाकिस्तान से 1960 में…

चीन ने जम्मू-कश्मीर में शक्सगाम घाटी पर भारत के दावे को खारिज कर दिया है। सीमा मुद्दों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि जिस इलाके का भारत का जिक्र किया है, वह चीन का है। चीन को अपने इलाके में […]

2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Jan 13, 2026

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटो- ANI)

चीन ने जम्मू-कश्मीर में शक्सगाम घाटी पर भारत के दावे को खारिज कर दिया है। सीमा मुद्दों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि जिस इलाके का भारत का जिक्र किया है, वह चीन का है। चीन को अपने इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का पूरा हक है।

प्रवक्ता ने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में अपनी सीमा तय करने के लिए एक समझौता किया था। दोनों देशों ने अपनी सीमाओं को मार्क किया था, जो उनके अधिकारों का हिस्सा था।

क्या है CPEC का असली मकसद?

ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने आगे कहा कि CPEC एक आर्थिक सहयोग परियोजना है जिसका मकसद स्थानीय आर्थिक व सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य लोगों की आजीविका में सुधार करना भी है।

माओ ने इस बात पर जोर दिया कि चीन और पाकिस्तान के बीच सीमा समझौता और CPEC कश्मीर मुद्दे पर चीन के रुख को प्रभावित नहीं करते हैं। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले पर चीन का रुख नहीं बदला है।

शक्सगाम घाटी के अगल-बगल क्या है?

बता दें कि शक्सगाम घाटी के उत्तर में चीन का शिनजियांग प्रांत, दक्षिण और पश्चिम में पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर के उत्तरी इलाके और पूर्व में सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र है।

इससे पहले 9 जनवरी को भारत ने शक्सगाम घाटी में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के जरिए चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को अवैध और अमान्य करार दिया था। भारत ने कड़े शब्दों में कहा था कि यह क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

भारत का क्या है स्टैंड?

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने 1963 के 'तथाकथित' चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते या 'तथाकथित' CPEC को कभी मान्यता नहीं दी है।

जायसवाल ने कहा- शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है। हमने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है। हमने लगातार यह कहा है कि यह समझौता अवैध और अमान्य है। हम चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भी मान्यता नहीं देते हैं, जो भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिस पर पाकिस्तान का जबरदस्ती और अवैध कब्जा है।

#IndiaPakistanConflictमें अब तक