
भारत के साथ सीजफायर होने के बावजूद पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन हमले किए जाने की देशभर में आलोचना हो रही है। इस बीच, सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) शंकर प्रसाद ने पाकिस्तान पर कभी भरोसा न करने की सलाह दी है। पूर्व सैन्य अधिकारी ने कहा, "पाकिस्तान पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। हम पिछले 70 साल से उन पर भरोसा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार असफल रहे हैं। सबसे बड़ा उदाहरण 1971 के युद्ध के बाद का है, जिसमें इसी तरह के समझौते पर हस्ताक्षर किए जा रहे थे। हम उस देश पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? हम उन्हें लगातार बता रहे हैं कि आप पिछले 25-30 साल से भारत पर अत्याचार कर रहे हैं और वे इसे नकारते रहते हैं।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जिस पर एक साधारण कारण से भरोसा नहीं किया जा सकता। साल 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान ने एक नीति बनाई, जिसमें बहुत स्पष्ट रूप से कहा गया था कि पाकिस्तान की सैन्य शक्ति पारंपरिक युद्ध में भारत का मुकाबला नहीं कर सकती, इसलिए हमें भारत का खून बहाने की रणनीति बनानी चाहिए, जिसका मतलब है आतंकवाद। तब से वे भारत के खिलाफ बार-बार आतंकवाद पैदा कर रहे हैं और हम इसका जवाब दे रहे हैं। हमने उरी और बालाकोट एयर स्ट्राइक करके उनका जवाब दिया, जिसके बाद कुछ समय शांति से बीता। लेकिन अब हमला दूसरी दिशा में किया गया। धर्म के आधार पर 26 पुरुषों को निशाना बनाया गया, यह कितनी शर्म की बात है।"
शंकर प्रसाद ने बताया, "मौजूदा सरकार ने इसे एक निष्कर्ष पर ले जाने का फैसला किया। यह निष्कर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाक्यों में समाहित है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों को खत्म किया जाना चाहिए।"
Updated on:
12 May 2025 12:49 am
Published on:
12 May 2025 12:49 am
