
निकोलस मादुरो , वेनेजुएला राष्ट्रपति (फोटो-IANS)
US actions on Venezuela: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद दुनिया भर में चिंता का माहौल है। भारत सरकार ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए वेनेजुएला की गैर जरूरी यात्रा से परहेज करने को कहा है। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद बाजार में भी चिंता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटनाक्रम का भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं होगा।
काराकास स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.175 बिलियन डॉलर था। भारत द्वारा वेनेजुएला को निर्यात की जाने वाली मुख्य वस्तुएं खनिज ईंधन और कच्चे तेल से बने उत्पाद, बिटुमिनस पदार्थ, फार्मा उत्पाद, कपास, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर, मशीनरी, विद्युत मशीनरी और उपकरण, परिधान एवं वस्त्र विविध रासायनिक उत्पाद और अन्य उत्पाद शामिल हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार बहुत कम है। भारत, वेनेजुएला से मुख्यतः कच्चे तेल का आयात करता है।
भारतीय दूतावास की रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल के अलावा भारत, वेनेजुएला से मोम, लोहा और इस्पात, एल्युमीनियम, खाद्य वस्तुओं, तांबा और उससे बने उत्पाद, सीसा और उससे बने उत्पाद, जस्ता और उससे बने उत्पाद, लकड़ी और लकड़ी से बने उत्पाद आदि का आयात करता है।
वहीं, ONGC और कॉर्पोरेशियन वेनेजोलाना डेल पेट्रोलेओ ने सैन क्रिस्टोबल क्षेत्र में तेल उत्पादन और अन्वेषण के लिए पेट्रोलेराइंडोवेनेजोलाना एसए नाम का एक संयुक्त उद्यम बनाया है। इसमें ONGC की हिस्सेदारी 40 फीसदी है, जबकि पीडीवीएसए की हिस्सेदारी 60 फीसदी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कंपनी ने वेनेजुएला में करीब 200 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश भी किया है।
अप्रैल 2008 में, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल), स्पेन की रेपसोल और मलेशिया की पेट्रोनास सहित एक अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम को वेनेजुएला के ओरिनोको बेल्ट में स्थित काराबोबो में एक मल्टी-मिलियन डॉलर की तेल परियोजना विकसित करने के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय बोली प्रक्रिया का विजेता घोषित किया गया था।
Updated on:
4 Jan 2026, 8:56 AM IST
Published on:
4 Jan 2026, 8:56 AM IST
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