
Dinesh Sharma Martyred: भारत-पाकिस्तान सीमा पर शहीद हुआ पलवल का लाल, ऑपरेशन सिंदूर की खुशी के बीच गांव में पसरा मातम
Dinesh Sharma Martyred: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की जहां एक ओर पूरा देश खुशियां मना रहा था। वहीं हरियाणा के पलवल में एक सूचना से पूरे गांव में मातम छा गया। इस सूचना ने इंडियन आर्मी के जवान दिनेश शर्मा के परिवार को तोड़कर रख दिया। दरअसल, हरियाणा के पलवल जिले के मोहम्मदपुर गांव निवासी सेना के जवान दिनेश कुमार शर्मा भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्यूटी के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात पुंछ सेक्टर में तैनात लांस नायक दिनेश शर्मा पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी के बाद बम विस्फोट की चपेट में आ गए। यह हादसा उस समय हुआ। जब नियंत्रण रेखा (LoC) पर गश्त के दौरान दुश्मन की ओर से बम फेंका गया। इस विस्फोट में जहां दिनेश शहीद हो गए। वहीं उनके साथ ड्यूटी कर रहे पांच अन्य जवान घायल हुए हैं। यह सूचना बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे दिनेश शर्मा के परिजनों को दी गई। इसी रात इंडियन आर्मी की ओर से ऑपरेशन सिंदूर भी चलाया गया था।
हरियाणा के पलवल निवासी दिनेश शर्मा 12 साल पहले इंडियन आर्मी में भर्ती हुए थे। भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए उनकी तैनाती पुंछ सेक्टर में की गई थी। दिनेश सेना में लांस नायक के पद पर कार्यरत थे। सेना के अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात सीमा पर सामान्य गश्त के दौरान अचानक बम विस्फोट हुआ। इससे छह जवानों को गंभीर चोटें आईं। इसमें से दिनेश शर्मा शहीद हो गए। जबकि पांच जवानों का इलाज चल रहा है। दिनेश शर्मा के गले में गंभीर चोट आई थी।
पलवल जिले के मोहम्मदपुर गांव के सरपंच भूपराम पाठक ने बताया कि जैसे ही सेना ने दिनेश शर्मा के शहीद होने की सूचना परिवार को दी। पूरे गांव में मातम छा गया। उन्होंने बताया कि कश्मीर में आम नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध और युद्ध जैसे हालातों के चलते दिनेश शर्मा का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से नहीं भेजा जा सका। सेना के जवान सड़क मार्ग से दिनेश शर्मा का पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंच रहे हैं। संभावना है कि गुरुवार दोपहर तक दिनेश शर्मा का पार्थिव शरीर गांव पहुंच जाएगा। वहीं पलवल जिले के डीसी हरीश वशिष्ठ ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर गुरुवार दोपहर तक उनके पैतृक गांव मोहम्मदपुर पहुंच जाएगा। जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सरपंच भूपराम पाठक ने बताया कि जवान दिनेश शर्मा अपने परिवार में सबसे बड़े थे। उनके पिता खेती करते हैं और दो छोटे भाई भारतीय सेना में ‘अग्निवीर’ योजना के तहत सेवा दे रहे हैं। दो अन्य भाई खेतीबाड़ी के कार्यों में लगे हुए हैं। दिनेश की पत्नी पेशे से वकील हैं और उनके दो छोटे बच्चे भी हैं। शहादत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा छा गया है। मोहल्ले और रिश्तेदारों में शोक की लहर है, लोग एक-दूसरे से चुपचाप दुख साझा कर रहे हैं। पूरे गांव को अपने वीर सपूत पर गर्व है, लेकिन उसकी असमय विदाई से हर आंख नम है।
दिनेश शर्मा वर्ष 2014 में सेना में भर्ती हुए थे और तब से लगातार देश की सेवा कर रहे थे। उनकी तैनाती पिछले कुछ वर्षों से जम्मू-कश्मीर में थी। दिनेश को अनुशासनप्रिय और साहसी सैनिक के रूप में जाना जाता था। उनके साथी बताते हैं कि वह हमेशा कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे और हर चुनौती का डटकर सामना करते थे।
हरियाणा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री विपुल गोयल ने भी शहीद दिनेश शर्मा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “पलवल, हरियाणा की धरती के वीर सपूत, जवान दिनेश कुमार शर्मा ने सीमा पर पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी का डटकर सामना करते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रभु से प्रार्थना है कि बलिदानी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
Updated on:
08 May 2025 10:30 am
Published on:
08 May 2025 10:24 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
