
Operation Sindoor: भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 28 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारत ने नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के गढ़ शामिल थे। इस कार्रवाई पर विश्व नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैंने इसके बारे में अभी सुना। यह शर्मनाक है। मुझे लगता है कि कुछ लोग जानते थे कि अतीत के आधार पर कुछ होने वाला है।" उन्होंने दोनों देशों से तनाव कम करने और स्थिति को जल्द समाप्त करने की अपील की।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "मैं भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर करीबी नजर रख रहा हूं। मैं राष्ट्रपति (ट्रंप) के बयान का समर्थन करता हूं कि यह जल्दी समाप्त हो और मैं दोनों देशों के नेतृत्व के साथ शांतिपूर्ण समाधान के लिए संपर्क में रहूंगा।" उन्होंने भारत और पाकिस्तान से तनाव कम करने और संवाद के जरिए शांति बनाए रखने की अपील की। रूबियो ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बात की और ऑपरेशन के बारे में जानकारी ली, जिसमें भारत ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। उन्होंने भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन दोनों देशों से संयम बरतने का आग्रह किया।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने महासचिव के हवाले से कहा, "महासचिव भारत की सैन्य कार्रवाइयों, खासकर नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार की गई कार्रवाइयों को लेकर बहुत चिंतित हैं। वह दोनों देशों से अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील करते हैं। विश्व भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव बर्दाश्त नहीं कर सकता।"
शरीफ ने भारत की कार्रवाई को "युद्ध की कार्रवाई" करार देते हुए इसे "कायराना हमला" बताया। उन्होंने दावा किया कि हमलों में मस्जिद सहित कई नागरिक स्थानों को निशाना बनाया गया, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। शरीफ ने कहा, "पाकिस्तान जवाब देने का पूरा अधिकार रखता है और यह जवाब पहले से ही शुरू हो चुका है।"
अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान दोनों से संयम बरतने की अपील की है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "हम ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के साथ संपर्क में हैं। हमारा मानना है कि यह कार्रवाई आतंकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए थी। हम दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए कदम उठाने का आग्रह करते हैं।"
अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने के बीच ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों ने भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की है। एक ब्रिटिश विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा, "हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने का अनुरोध करते हैं।"
भारत के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर "सटीक, संयमित और गैर-वृद्धिकारी" था, जिसका उद्देश्य केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोई भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा निशाना नहीं बनी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य नेताओं ने इस कार्रवाई को पहलगाम हमले का जवाब बताते हुए इसे "न्याय" करार दिया।
Updated on:
7 May 2025, 9:28 AM IST
Published on:
7 May 2025, 9:28 AM IST
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