
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- IANS)
US Attack On Venezuela अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी और विरोधी साजिशें रचने का बहाना बनाकर अमेरिकी सेना ने शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकस और चार अन्य शहरों व सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया।
अप्रत्याशित कार्रवाई में अमेरिकी स्पेशल डेल्टा कमांडोज ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को बैडरूम से घसीटकर गिरफ्तार कर लिया और न्यूयॉर्क ले गए।
मात्र 30 मिनट की कार्रवाई में 150 लड़ाकू विमान, ड्रोन तथा अपाचे व चिनूक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने आदेश पर हुए इस एक्शन को अपने घर मार-ए-लागो में बैठकर टीवी स्क्रीन पर देखते रहे।
बाद में ट्रंप ने इस ऑपरेशन को अमेरिकी सेना का सबसे शानदार प्रदर्शन बताया और साफ कहा कि अमेरिका विरोधी मादुरो से जुड़े लोगों को सत्ता सौंपने के बजाए उचित व्यवस्था होने तक अमेरिका खुद वेनेजुएला पर शासन करेगा।
उन्होंने दक्षिणी अमेरिकी देश के तेल भंडारों पर नियंत्रण में सीधी भूमिका का भी ऐलान किया। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन में सिर्फ दो अमेरिकी सैनिकों को मामूली चोट आई है और हमले का ज्यादा सैन्य प्रतिरोध नहीं हुआ।
वेनेजुएला के अधिकतर लोगों ने मादुरो के खिलाफ पाला बदल लिया है और अन्य लोग भी उसका समर्थन कर रहे हैं। हालांकि वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने अमेरिकी कार्रवाई का विरोध किया है। हमले के तत्काल बाद गिरफ्तार होने से पहले मादुरो ने देश में आपातकाल लगा दिया था।
उन्होंने कहा कि अमेरिका तख्तापलट करना चाहता है, ताकि वेनेजुएला के तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा कर सके। हम हमलों का डटकर मुकाबला करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने नवंबर में ही वेनेजुएला पर ड्रग तस्करी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी थी। एक माह में वेनेजुएला की 35 नावों को उड़ा दिया गया था।
ट्रंप ने राष्ट्रपति मादुरो को चेतावनी दी थी कि वह देश छोड़कर चले जाएं। बाद में एक सप्ताह पहले उन्होंने सेना को कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन मौसम की वजह से चार दिन तक रुकना पड़ा।
शनिवार तड़के हुई कार्रवाई में राजधानी काराकस के अलावा मिरांडा, अरागुआ और ला ग्वायरा में हवाई हमले हुए। काराकस के पश्चिम में मौजूद फोर्ट ट्यूना व ला कार्लोटा सैन्य अड्डों व हिगुएरोटे एयरपोर्ट पर भी धमाके हुए। अमेरिकी विमानों ने मिसाइलों से कई सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाया।
अमेरिका को वेनेजुएला में साम्यवादी शासन व्यवस्था से परेशानी रही है। 1976 में वेनेजुएला ने तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया तो विदेशी तेल कंपनियों (ज्यादातर अमेरिकी) का स्वामित्व वेनेजुएला को मिल गया।
अमेरिका ने मादुरो के पूर्ववर्ती राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के शासनकाल से ही वहां लोकतंत्र समर्थक लोगों को समर्थन दिया लेकिन विवादित चुनावों में शावेज व बाद में मादुरो जीतते रहे। बाद में वेनेजुएला से अमरीका को ड्रग तस्करी को भी वाशिंगटन ने मुद्दा बनाया।
काफी समय से अमेरिका की नेवी ने वेनेजुएला की समुद्री घेराबंदी कर रखी है। अमेरिकी सेना के अनुसार कैरेबियन सागर में वेनेजुएला से 100 नॉटिकल मील की दूरी पर नवंबर से ही एयरक्राफ्ट करियर यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड, कई डेस्ट्रॉयर 15 हजार सैनिक डेरा डाले थे।
मादुरो के खिलाफ अमेरिका में 2020 से चल रहे ड्रग तस्करी व नार्को टेरर के मामले में यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट कार्रवाई करेगा।
अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी ने बताया कि मादुरो को न्यूयॉर्क लाया जाएगा, जहां मुकदमा चलेगा। मादुरो पर अमेरिका ने 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था।
भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी करते हुए वेनेजुएला में रहने वाले भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे वहां गैर जरूरी यात्रा से बचें और अत्यधिक सावधानी बरतें। अपनी गतिविधियों को सीमित रखें और राजधानी काराकस में भारतीय दूतावास से संपर्क में रहें।
Updated on:
04 Jan 2026 07:17 am
Published on:
04 Jan 2026 07:11 am
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