
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज डोंगरगढ़ आएंगे(photo-patrika)
जयपुर। चंडीगढ़ में किसानों से संवाद करते हुए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंधु जल समझौते को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के 'सिंधु जल समझौते को रद्द' करने के फैसले का हम स्वागत करते हैं। इसका सीधा फायदा अब राजस्थान के किसानों का होगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी तक सिंधु, चिनाब और झेलम जैसी नदियों का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान जा रहा था, अब यह भारत के किसानों के काम आएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि 'पाकिस्तान को 80% पानी देना कभी न्यायोचित नहीं था। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों को इसकी जरूरत है और अब हम यह पानी अपने किसानों के लिए उपयोग करेंगे।' उन्होंने यह बात पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा में आयोजित ‘किसान चौपाल’ के दौरान कही।
इस मौके पर उनके साथ पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुदीयां और अन्य वैज्ञानिक भी मौजूद रहे। मंत्री चौहान ने कहा कि हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में अब इस जल संसाधन का समुचित उपयोग कर किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
राजस्थान जैसे सूखा प्रभावित राज्य के लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां हर साल सिंचाई के लिए जल संकट बना रहता है। अब केंद्र सरकार की योजना है कि सिंधु जल प्रणाली का पानी राजस्थान की नहरों और खेतों तक पहुंचे, जिससे खरीफ और रबी फसलों की सिंचाई में राहत मिल सके।
इसके अलावा, चौहान ने किसानों से ‘डायरेक्ट सीडेड राइस’ (DSR) जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया, जिससे पानी की बचत हो और खेती में लागत घटे। उन्होंने नकली कीटनाशकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सरकार जल्द ही इसके खिलाफ सख्त कानून बनाएगी।
कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि देश में इस बार गेहूं, धान, मक्का और सोयाबीन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है, जिसमें पंजाब और राजस्थान का बड़ा योगदान है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे अपनी रिसर्च को किसानों तक पहुंचाएं और खेतों की वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान विकसित करें।
फसल विविधीकरण को जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि अब सिर्फ गेहूं और धान नहीं, बल्कि सब्जी, फल और मशरूम जैसे विकल्पों पर भी किसान ध्यान दें। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा है कि किसानों की आय बढ़े, लागत घटे और नुकसान होने पर उन्हें उचित मुआवजा मिले।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब पंजाब में किसान आंदोलन और खाद की कमी जैसे मुद्दे छाए हुए हैं। मंत्री चौहान ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनके लिए नीति बनाते समय जमीन की सच्चाई को प्राथमिकता दी जाएगी।
Updated on:
05 Jun 2025 10:02 pm
Published on:
05 Jun 2025 09:57 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
