
cough syrup deaths child chhindwara toxic combination (फोटो- सोशल मीडिया)
MP News: छिंदवाड़ा में बच्चों को जिस कफ सिरफ के पीने से जान गई थी। उसी तरह के कॉम्बिनेशन वाले कफ सिरप नर्मदापुरम जिले में बिक रहे थे। औषधि प्रशासन ने गुरुवार को जिले से अलग अलग कंपनियों के सिरफ के सैंपल लिए हैं। इसकी प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी।
मासूमों की मौत के बाद से दवा दुकान से कफ सिरप मिलना लगभग बंद हो गए हैं। दुकानदारों ने भी बगैर चिकित्सक के पर्चे के ग्राहकों को सिरप देना बंद कर दिया है। छिंदवाड़ा में कफ सिरप का मामला (Cough syrup deaths) उजागर होने के बाद से औषधि प्रशासन जिले में जांच अभियान चला रहा है।
लगभग 500 दुकानों में खांसी के लिए मिलने वाले सिरप की जांच पड़ताल की जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर संजीव जादौन ने बताया कोल्डिफेशॉक्स, रेस्पिथिक डीएक्स, कोडिजाय डीएक्स, कोल्ड ट्रीट एस, टस थिक डीएक्स 15 के सैंपल लिए लिए हैं। सिरप के कॉम्बिनेशन पर विभाग को संदेह है। इसलिए सैंपल की भोपाल प्रयोगशाला में जांच कर पता लगाया जाएगा कि सिरफ के अंदर मिले कंटेंट मानक के अनुरूप है या नहीं।
एडवाइजरी जारी होने के बाद चिकित्सकों ने भी 4 साल के कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप लिखना बंद कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाजरी के बाद दवा दुकानों पर से कफ सिरप लगभग गायब हो गए हैं। बगैर चिकित्सक की सलाह के कफ सिरप ग्राहकों को नहीं दिया जा रहा है। इस कारण कफ सिरप की खपत में भी गिरावट आई है। (MP News)
स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर की दुकानों पर दवाएं देने वाले कर्मचारियों और दुकानवरों की पड़ताल शुरू कर दी है। इसमें दस्तावेज आदि देखे जा रहे हैं। मेडिकल स्टोर से ग्राहकों को फार्मासिस्ट के अलावा अगर कोई ओर दवाएं देता मिलेगा तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। (Cough syrup deaths)
जिले से पांच कफ सिरप के सैंपल लिए हैं। प्रयोगशाला में सिरप में कंटेट मानक अनुरूप हैं या नहीं की जांच की जाएगी। मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट ही दवाएं दे सकते हैं। इसके अलावा कोई और दवा देते मिलेगा तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. नरसिंह गहलोत्, सीएमएचओ
Updated on:
10 Oct 2025, 8:49 AM IST
Published on:
10 Oct 2025, 8:49 AM IST
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