
ऑपरेशन सिंदूर पर सीडीएस चौहान ने दिया बयान (Photo- IANS)
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पुणे में सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक सेमिनार में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बड़ा खुलासा किया। जनरल अनिल चौहान ने 9-10 मई की रात 1 बजे के बाद क्या हुआ था, उस पर से भी पर्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के 3 दिन बाद 9-10 मई की रात 1 बजे के करीब पाकिस्तान ने ताबड़तोड़ हमले शुरू किए। उनका मकसद था कि भारत को 48 घंटे में घुटनों पर लाकर रख देंगे। सीमा पर कई तरफ से हमले हुए ताकि ऐसा लगे कि वे संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं। जबकि हमने सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।
सीडीएस अनिल चौहान ने कहा कि पाकिस्तान 48 घंटे की जंग चाहता था, लेकिन हमने 8 घंटे में उन्हें ध्वस्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने टेलीफोन उठाया और कहा कि वे वे बात करना चाहते हैं। अनिल चौहान ने आगे कहा, पाकिस्तान को एहसास हो गया होगा अगर वो युद्द लड़ता है तो उसे हार ही मिलेगी।
जनरल अनिल चौहान ने कहा कि इस विशेष युद्ध का पूरा प्रारंभिक बिंदु पहलगाम आतंकी हमला था। क्या आतंकवाद युद्ध का एक तर्कसंगत कार्य है? मुझे नहीं लगता कि ऐसा इसलिए है क्योंकि आतंकवाद का कोई परिभाषित तर्क नहीं है। जहां तक हमारे विरोधी का सवाल है, उसने भारत को एक हजार घाव देकर खून बहाने का फैसला किया है। 1965 में, जुल्फिकार अली भुट्टो ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए भारत के खिलाफ एक हजार साल के युद्ध की घोषणा की थी।
जनरल अनिल चौहान ने कहा हमने 7 मई को पाकिस्तान को सूचित कर दिया था। जब पाकिस्तान की तरफ से बयानबाजी हुई थी, तब हमने भी कहा था कि अगर पाकिस्तान हम पर हमला करता है, सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करता है, तो हम भी उन्हें जवाबी हमला करेंगे, उन पर और जोरदार हमला करेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान के बारे में पूछे जाने पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा जब मुझसे हमारे पक्ष में हुए नुकसान के बारे में पूछा गया, तो मैंने कहा कि ये महत्वपूर्ण नहीं हैं। परिणाम और आप कैसे कार्य करते हैं, ये महत्वपूर्ण है। नुकसान के बारे में बात करना बहुत सही नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि मान लीजिए कि आप एक क्रिकेट टेस्ट मैच में जाते हैं, और आप एक पारी से हार जाते हैं, तो कितने विकेट, कितनी गेंदें और कितने खिलाड़ी हैं, इसका कोई सवाल ही नहीं है। तकनीकी मापदंडों के आधार पर, हम यह विशेष डेटा निकालेंगे और आपके साथ साझा करेंगे। हम आपको बताएंगे कि हमने कितने विमान नष्ट किए और हमने कितने रडार नष्ट किए। हम इसका एक मोटा आकलन करेंगे और जल्द ही इसके बारे में बताएंगे।
जनरल अनिल चौहान ने कहा ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। यह जारी है। यह शत्रुता की अस्थायी समाप्ति है। हमें अपनी चौकसी बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से, हम लंबे समय तक संघर्ष में नहीं पड़ना चाहते थे। हमने ऑपरेशन प्रकरम में अपना अनुभव देखा है। हम लगभग नौ महीने तक वहां रहे। इसमें बहुत अधिक खर्च होता है, सब कुछ बाधित होता है।
Updated on:
03 Jun 2025 04:57 pm
Published on:
03 Jun 2025 04:39 pm
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