19 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Tonk Crime News: टोंक जिले का सबसे बड़ा सआदत अस्पताल चोरों के निशाने पर, आए दिन हो रही वारदातें

Saadat Hospital: टोंक के सआदत अस्पताल में लगातार हो रही चोरियों से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऑक्सीजन पाइप से लेकर कॉपर वायर तक चोरी होने के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई न के बराबर है।

2 min read
Google source verification

टोंक

image

Rakesh Mishra

Mar 19, 2026

Tonk hospital theft news, Saadat hospital Tonk, Rajasthan hospital security issue, hospital theft India, Tonk crime news today, Rajasthan government hospital news, oxygen pipeline theft hospital, hospital equipment theft Rajasthan, Tonk CCTV theft case, Rajasthan health system issue, hospital security negligence India, Tonk local news Rajasthan, government hospital theft case, Rajasthan breaking crime news, hospital infrastructure theft India

दीवार से गायब ऑक्सीजन लाइन के कॉपर पाइप। फोटो- पत्रिका

टोंक। जिले का सबसे बड़ा सरकारी सआदत अस्पताल, इन दिनों चोरों के हौसलों का केंद्र बन चुका है। अस्पताल परिसर में आए दिन चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के कारण चोर खुलेआम वारदात कर रहे हैं। शिकायतें केवल थाने तक सीमित रह जाती हैं, इसके बाद कार्रवाई न के बराबर है।

सूत्रों ने बताया कि पिछले तीन दिनों में चोर रोजाना अस्पताल में चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट, ऑपरेशन थियेटर की ऑक्सीजन पाइप लाइनों, एसी के आउटर और कॉपर वायर तक पर चोरों की नजरें लगी हुई हैं। कोरोना वार्ड के प्रथम तल पर चल रहे नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर की ऑक्सीजन पाइप लाइनों को भी चोर काटकर ले गए। सोमवार रात की चोरी की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, लेकिन अभी तक किसी को पकड़ना संभव नहीं हो सका।

चोरी की वारदातों में तेजी

अस्पतालकर्मियों का कहना है कि जब से सआदत अस्पताल और जनाना अस्पताल का विस्तार कार्य शुरू हुआ है, चोरियों की वारदातों में तेजी आई है। कई सालों से नीलामी न होने के कारण लाखों रुपए का कबाड़ अस्पताल में पड़ा हुआ था, जिसे चोर आसानी से चुरा रहे हैं। कोरोना काल के दौरान भी वार्डों से चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। नल, बिजली की फिटिंग और अन्य बहुमूल्य सामग्री तक को चोर उखाड़ कर ले गए।

30 से 35 लाख रुपए का सामान चोरी

अस्पताल में वर्षों से सुरक्षा की कमी और लापरवाही के कारण पिछले पांच से सात सालों में लगभग 30 से 35 लाख रुपए का सामान चोरी हो चुका है। इसके बावजूद किसी भी चोरी की वारदात का खुलासा नहीं हुआ और चोरों का कोई पता नहीं चला। स्थानीय नागरिक और अस्पतालकर्मी प्रशासन की उदासीनता से नाराज हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो चोरियों की घटनाएं और बढ़ सकती हैं और अस्पताल परिसंपत्तियों का संरक्षण खतरे में पड़ जाएगा।

टोंक का यह प्रमुख अस्पताल न केवल मरीजों और कर्मचारियों के लिए जोखिमपूर्ण बन गया है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है। अब प्रशासन पर दबाव है कि वह तुरंत ठोस कदम उठाए और चोरों के हौसलों को तोड़े, अन्यथा अस्पताल में और भी बड़ी चोरी की घटनाएं होना तय है। सवाल यह है कि कब तक सआदत अस्पताल की सुरक्षा केवल कागजों में ही रहेगी, और कब तक चोर खुलेआम स्वास्थ्य सेवाओं पर डाका डालते रहेंगे।

#AjitPawarDeathमें अब तक