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07 दिन है शेष..बच्चे को स्कूल भेजने की आज से करें तैयारी

शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेशोत्सव में ऐसे बच्चों को जोड़ा जाता है। छठीं, नवीं और ग्यारहवीं में बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं। आर्थिक परिस्थितियां, स्कूल की दूरी और अन्य पारिवारिक वजह। ऐसे में जरूरी है कि इस बार यह संख्या नगण्य हों।
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बाड़मेर

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Ratan Dave

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Updated: 24 Jun 2025, 8:17 PM IST

अभियान- आओ स्कूल चलें हम- 20 हजार बच्चे सरकारी स्कूल में पहली कक्षा में ले सकते हैं प्रवेश- 3 लाख से अधिक बच्चे दोनों जिलों में प्रारंभिक शिक्षा में जाएंगे स्कूल-3700 के करीब प्रारंभिक शिक्षा की स्कूलें पहली जुलाई को खुलेंगी

ब्लर्ब- पहली जुलाई से स्कूलें खुलेंगी। नए सत्र और नई कक्षा में प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह है। गांवों व दूरस्थ ढाणियों में सैकड़ों ऐसे बच्चे भी है जिनको स्कूल भेजने को लेकर अब तक कोई विचार भी नहीं किया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेशोत्सव में ऐसे बच्चों को जोड़ा जाता है। छठीं, नवीं और ग्यारहवीं में बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं। आर्थिक परिस्थितियां, स्कूल की दूरी और अन्य पारिवारिक वजह। ऐसे में जरूरी है कि इस बार यह संख्या नगण्य हों। पत्रिका के इस अभियान से एक जुलाई को उत्सव के रूप में मनाने और अधिकांश बच्चों के स्कूल जाने का धरातल तैयार किया जाएगा।

जिले में पिछले साल बाड़मेर में 1 लाख 29 570 विद्यार्थी प्रारंभिक शिक्षा में नामांकिन थे और पहली कक्षा में 14468 ने प्रवेश लिया था। अब बाड़मेर और बालोतरा दोनों अलग-अलग जिले होने से करीब इतना ही आंकड़ा बालोतरा जिले का भी है। नव प्रवेश का इस साल का करीब दस प्रतिशत का अतिरिक्त लक्ष्य है। प्रवेशोत्सव का प्रथम चरण होने के बाद अब जुलाई में फिर से शुरू होगा।

शिक्षा विभाग के लिहाज से पांच दिन पहले ही बाड़मेर और बालोतरा अलग-अलग जिले हो गए हैं। दोनों में प्रारंभिक शिक्षा के अलग-अलग जिला शिक्षा अधिकारी भी हो गए हैं। स्कूलों का बंटवारा होने के बाद अब दोनों जिलों में प्रवेशोत्सव और प्रभावी होने की उम्मीद है। इसको लेकर अब तैयारियां प्रारंभ की गई है। पिछले साल जहां 14468 बच्चों का पहली कक्षा में प्रवेश हुआ था, इस साल दोनों जिलों का अलग-अलग लक्ष्य होने पर यह बीस हजार से अधिक माना जा रहा है।

पत्रिका सुझाव

- शिक्षक अभी से अपने-अपने विद्यालय क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए विद्यालय प्रवेश को लेकर माहौल बनाएं

- अपने विद्यालय क्षेत्र के ड्राॅप आउट/ नव प्रवेशी विद्यार्थियों को पहली जुलाई को ही स्कूल भेजने के लिए प्रयास शुरू करें

- पहली जुलाई को स्कूल में उत्सव कैसे हो और गांव के अधिकांश लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए

- पहले दिन केवल शिक्षक ही नहीं अभिभावक, माता-पिता बैठक, विद्यालय विकास समिति बैठक, पौधरोपण व अन्य आयोजन तय करके जाएं तो स्कूल में पहला दिन उत्सव नजर आएगा

- जनप्रतिनिधियों व गांव के मौजिज लोगों का पहले दिन हो स्कूल पहुंचने का कार्यक्रम

- मिड डे मील के तहत पहले दिन स्कूलों में हो विशेष मील

- पहले दिन स्कूल में दाखिल होने वालों को भामाशाह करें प्रोत्साहित

शेष रहे बच्चों का होगा हाउस होल्ड सर्वे

शिक्षा विभाग की ओर से प्रथम चरण में 15 अप्रेल से 09 मई तक बच्चों का हाउस होल्ड सर्वे व चिन्हीकरण किया गया है। अब दूसरा सर्वे शष रहे बच्चों का 1 जुलाई से 24 जुलाई तक होगा।25 जुलाई से 08 अगस्त तक नामांकन अभियान चलेगा।

ये है समस्याएं, चाहिए समाधान

- एकल स्कूल विद्यालयों में अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत

- शिक्षकों की कमी को दूर करने की परीक्षा

- नवनियुक्त सीबीईओ के लिए नया क्षेत्र

बाड़मेर जिला (2024-25)

1,29,570 -कुल नामांकन

14468 -पहली कक्षा

2418 स्कूल

पहली जुलाई से है तैयार

प्रवेशोत्सव का दौर मई में हो गया है। हाउस होल्ड सर्वे का एक चरण हो चुका है। वो इसका पार्ट ही है। एक जुलाई को बच्चों के प्रवेश के लिए विभाग पूरी तरह से प्रयास करेगा। इसकी योजना बनाकर उत्सव की तरह इसे मनाएंगे। -कृष्णसिंह राणीगांव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा बाड़मेर------------------------------------------

#Meghalaya Murder Mysteryमें अब तक