
कानपुर। उत्तर प्रदेश वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआई) में आयकर से जुड़े टीडीएस जमा करने के मामले में लगभग 90 लाख रुपये की कथित अनियमितता सामने आई है। संस्थान प्रशासन का आरोप है कि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई टीडीएस राशि सही तरीके से जमा नहीं की गई। इस मामले में संस्थान के निदेशक की तहरीर पर ग्वालटोली थाने में पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
संस्थान के निदेशक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आयकर और जीएसटी से जुड़े टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की जिम्मेदारी काकादेव क्षेत्र के नवीन नगर निवासी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को दी गई थी।जुलाई 2025 में आयकर विभाग की ओर से करीब 90 लाख रुपये की डिमांड नोटिस मिलने के बाद संस्थान प्रशासन में हलचल मच गई।
निदेशक के अनुसार कर्मचारियों के वेतन से काटी गई टीडीएस राशि समय-समय पर ऑनलाइन चालान के माध्यम से जमा कराई जाती रही। नोटिस मिलने के बाद संस्थान ने संबंधित दस्तावेज और चालान आयकर विभाग को भेजकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। विभागीय स्तर पर जांच के दौरान कुछ चालानों के उपयोग में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई।
संस्थान की ओर से कराए गए स्वतंत्र परीक्षण में यह बात सामने आई कि वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान कुछ चालानों में संशोधन कर उन्हें अलग तरीके से फाइल किया गया। साथ ही कुछ पैन नंबरों को गलत तरीके से टैक्स क्रेडिट दिए जाने की आशंका जताई गई है। संस्थान को मिली जानकारी के अनुसार कुछ व्यक्तियों और फर्मों के नाम पर भी क्रेडिट दिखाई देने की बात सामने आई है। इनमें आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट और उनके परिजनों के नाम भी बताए जा रहे हैं। हालांकि इस पूरे मामले की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
संस्थान प्रशासन का कहना है कि जनवरी 2026 में आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट को नोटिस भेजकर पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया था। उस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड में हुई गड़बड़ी को ठीक कराने का भरोसा दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
इस मामले का असर संस्थान के कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके वेतन से टैक्स कटने के बावजूद उनके आयकर खातों में टीडीएस का क्रेडिट नहीं दिखाई दे रहा है। इसके कारण कुछ कर्मचारियों को आयकर विभाग से नोटिस भी प्राप्त हुए हैं।
एडीसीपी अर्चना सिंह के अनुसार संस्थान के निदेशक की शिकायत के आधार पर चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
Updated on:
14 Mar 2026 10:24 pm
Published on:
14 Mar 2026 10:24 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
