
अमेरिका-वेनेजुएला टकराव। ( प्रतीकात्मक फोटो: AI)
तीन दिसंबर की देर रात को अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया। अमेरिकी डेल्टा फोर्स के कमांडोज अति सुरक्षित क्षेत्र में रह रहे राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को उठा कर ले गए।
अमेरिकी हमले की आशंका पहले से थी। फिर भी इतना सब हो गया और वेनेजुएला की सेना कोई बड़ी जवाबी कार्रवाई नहीं कर सकी।
क्या इसके पीछे अमेरिका के साथ कोई डील थी और ये डील आखिर किसने की? ये सवाल अब वेनेजुएला में पूछे जा रहे हैं। अपदस्थ राष्ट्रपति मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा ने कहा भी है कि इतिहास बताएगा कि गद्दार कौन था।
सांसद गुएरा ने एक आडियो संदेश भी जारी किया है। जिसमें वह सत्ताधारी पार्टी में भीतरघात को लेकर चेतावनी दे रहे हैं।
अमेरिकी सेना ने कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम को नुकसान पहुंचाया,लेकिन हेलीकाप्टरों को निशाना बनाने वाली इग्ला मिसाइलें जो बड़ी संख्या में वेनेजुएला की सेना के पास थी, उनका भी प्रयोग नहीं किया। इससे पता चलता है कि वेनेजुएला की सेना अमेरिकी सेना से टकराव से बचती दिखी।
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति रहीं डेल्सी रोड्रिग्स अब अंतरिम नेता के रूप में राष्ट्रपति पद संभाल रही हैं। डेल्सी के भाई जॉर्ज रोड्रिग्स नेशनल असेंबल के अध्यक्ष हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते साल उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के साथ गुप्त रूप से बातचीत की थी। इसमें अरब देशों ने मध्यस्थता भी की थी। इस बातचीत में दो स्थितियों पर चर्चा हुई।
पहली मादुरो के सत्ता छोडऩे और एक अंतरिम सरकार के गठन की और दूसरे तुर्की या कतर में मादुरो के निर्वासन की। सीआइए ने भी ट्रंप प्रशासन को जो रिपोर्ट दी उसमें रोड्रिग्स को बदली परिस्थितियों में वेनेजुएला का राष्ट्रपति बनाने की बात कही गई जिसके बाद अब डेल्सी रोड्रिग्स ने अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ भी ले ली है।
निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद स्विट्जरलैंड की सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मादुरो से जुड़ी सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। स्विस सरकार के मुताबिक अगर जांच में पता चलता है कि यह संपत्तियां अवैध हैं तो उनका उपयोग वेनेजुएला की जनता के हित में किया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नजर और हाल में दिए गए बयान से डेनमार्क के साथ पूरा यूरोप चिंतित है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने तो चेतावनी भी दी है कि अगर अमरीका ने ग्रीन लैंड पर सैन्य कार्रवाई की तो यह नाटो गठबंधन के अंत की शुरुआत होगी।
Updated on:
07 Jan 2026 07:07 am
Published on:
07 Jan 2026 07:07 am
